IGI एयरपोर्ट पर ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा भारी, हाईटेक कैमरों से 24 घंटे निगरानी; घर पहुंचेगा ई-चालान – vedantsamachar.in

IGI एयरपोर्ट पर ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा भारी, हाईटेक कैमरों से 24 घंटे निगरानी; घर पहुंचेगा ई-चालान

9 मई 2026 :अब नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान कैमरों के जरिए तुरंत की जाएगी और वाहन नंबर के आधार पर उनके पते पर सीधे ई-चालान भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम का मकसद केवल चालान काटना नहीं, बल्कि एयरपोर्ट क्षेत्र में ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाना और यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाना है। नई ट्रैफिक निगरानी व्यवस्था के तहत एयरपोर्ट के संवेदनशील और व्यस्त स्थानों पर अत्याधुनिक ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे लगाए गए हैं। फिलहाल 14 हाई-डेफिनिशन कैमरे सक्रिय कर दिए गए हैं, जो वाहनों की नंबर प्लेट को रियल टाइम में स्कैन कर ट्रैफिक नियम उल्लंघन की पहचान करेंगे। इसके अलावा आने वाले समय में 35 अतिरिक्त कैमरे लगाने की योजना भी तैयार की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इस विस्तार के बाद एयरपोर्ट रोड नेटवर्क की निगरानी पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी हो जाएगी।

वाहन की तुरंत होगी पहचान

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्षेत्र में लगाए गए ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे अब ट्रैफिक नियमों की निगरानी पूरी तरह तकनीक आधारित तरीके से करेंगे। ये हाईटेक कैमरे सड़क से गुजरने वाले हर वाहन की नंबर प्लेट को कुछ ही सेकंड में स्कैन कर उसका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेंगे। इस तकनीक की खास बात यह है कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान स्वतः हो जाएगी और इसके लिए मौके पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी जरूरी नहीं होगी। कैमरे खुद वाहन की तस्वीर, नंबर प्लेट और नियम उल्लंघन से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड कर उसे सीधे ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम से जोड़ देंगे। इसके बाद संबंधित वाहन मालिक के नाम पर स्वतः ई-चालान जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
नई निगरानी व्यवस्था के जरिए तेज रफ्तार से वाहन चलाना, गलत दिशा में ड्राइविंग करना, अवैध पार्किंग, रेड लाइट जंप करना, स्टॉप लाइन पार करना, बिना हेलमेट वाहन चलाना और सीट बेल्ट नहीं लगाने जैसे उल्लंघनों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस स्मार्ट सिस्टम से एयरपोर्ट क्षेत्र में ट्रैफिक अनुशासन बेहतर होगा और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।

स्मार्ट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम एयरपोर्ट के कई अहम और अत्यधिक व्यस्त स्थानों पर सक्रिय किया गया है। इनमें सेंट्रल स्पाइन रोड, कार्गो टर्मिनल क्षेत्र, गौरी, सेंटर होटल जंक्शन, एरोसिटी, एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन और टर्मिनल-1 निकास मार्ग प्रमुख रूप से शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये सभी इलाके ट्रैफिक की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में निजी वाहन, टैक्सी, कैब और कमर्शियल गाड़ियों की आवाजाही होती है। इसी वजह से यहां अक्सर ट्रैफिक जाम, अवैध पार्किंग और नियम उल्लंघन की शिकायतें सामने आती रही हैं।
पूरी तरह तकनीक आधारित होगी E-चालान प्रक्रिया

नई प्रणाली में लगाए गए ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की तस्वीर और जरूरी जानकारी स्वतः रिकॉर्ड करेंगे। कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन कर उसका डिजिटल डेटा तैयार करेंगे, जो सीधे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सर्वर तक पहुंच जाएगा। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस अधिकारी रिकॉर्ड किए गए फुटेज और डेटा की जांच कर उसका सत्यापन करेंगे। यदि मामला मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियम उल्लंघन की श्रेणी में पाया जाता है, तो संबंधित वाहन मालिक के नाम पर तुरंत ई-चालान जारी कर दिया जाएगा।

अधिकारियों का मानना है कि ANPR कैमरों और डिजिटल ई-चालान प्रणाली के जरिए एयरपोर्ट इलाके में ट्रैफिक अनुशासन पहले की तुलना में काफी मजबूत होगा। इस तकनीकी व्यवस्था से तेज रफ्तार, गलत दिशा में ड्राइविंग, अवैध पार्किंग और रेड लाइट जंप जैसे उल्लंघनों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। अधिकारियों के अनुसार, लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई से सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही एयरपोर्ट के आसपास वाहनों की अनावश्यक आवाजाही को नियंत्रित करने में भी यह सिस्टम अहम भूमिका निभाएगा।