पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन, सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ – vedantsamachar.in

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन, सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

कोलकाता I पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आर.एन. रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार आधिकारिक रूप से सत्ता में आ गई।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के कई केंद्रीय नेता और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। समारोह में भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी शामिल हुए, जिन्होंने इसे “बंगाल में नए राजनीतिक युग की शुरुआत” बताया।

सुवेंदु अधिकारी लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा रहे थे और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। हालांकि 2020 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद वे बंगाल में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे। हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया।

अपने संबोधन में सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार “सुशासन, पारदर्शिता और विकास” को प्राथमिकता देगी। उन्होंने भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और प्रशासनिक पक्षपात खत्म करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि बंगाल को उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई दिशा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के साथ पांच अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, क्षुदीराम टुडु, निशिथ प्रमाणिक जैसे नाम शामिल हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल का और विस्तार किया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बड़ा बदलाव माना जा रहा है। लंबे समय तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव वाले बंगाल में भाजपा की यह जीत पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है।

हालांकि दूसरी ओर विपक्ष ने भाजपा पर आक्रामक राजनीति करने और ध्रुवीकरण के आरोप लगाए हैं। चुनाव परिणाम के बाद राज्य के कई हिस्सों में तनाव और राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। ऐसे में नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनता के भरोसे पर खरा उतरने की होगी।

सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। अब पूरे देश की नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा सरकार राज्य में किस तरह की नीतियां लागू करती है और जनता की उम्मीदों पर कितना खरी उतरती है।