रायपुर, 08 मई (वेदांत समाचार)। गर्मियों में बढ़ते पेयजल संकट को देखते हुए Chhattisgarh के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सभी निकायों को हैंडपंपों, बोरवेल और अन्य जलप्रदाय प्रणालियों की एक सप्ताह के भीतर जांच कर आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पाइपलाइन लीकेज, टूट-फूट और दूषित क्षेत्रों से गुजर रही पाइपलाइनों को तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया है।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री Arun Sao ने हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान गर्मियों में नागरिकों को निरंतर और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसी के पालन में विभागीय संचालनालय ने विस्तृत परिपत्र जारी कर सभी नगरीय निकायों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने कहा है कि जिन वार्डों और बस्तियों में गर्मी के मौसम में जलस्तर नीचे चला जाता है, उन्हें चिन्हित कर वैकल्पिक माध्यमों से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। नगर निगमों में आयुक्त तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट निवारण के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विभाग ने हैंडपंपों और जलस्रोतों में ब्लीचिंग पावडर एवं सोडियम हाइपोक्लोराइड का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा है। जल में क्लोरीन की मात्रा का नियमित परीक्षण करने और जरूरत पड़ने पर ओवरहेड टैंकों में री-क्लोरीनेशन करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा जल शोधन संयंत्रों, उच्च स्तरीय जलागारों और संपवेल की सफाई एवं डिस-इन्फेक्शन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने बस स्टैंड, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ घर खोलने तथा वहां पेयजल और आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ के सहयोग से भी पेयजल व्यवस्था मजबूत करने की बात कही है।
विभाग ने 15वें वित्त आयोग और अमृत मिशन के तहत स्वीकृत जलप्रदाय योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिन योजनाओं का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, उन्हें अगले 15 दिनों में चालू कर नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सरकार ने पशुधन के लिए भी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए तालाबों में पानी भराव की व्यवस्था करने हेतु जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।
भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए विभाग ने बोरवेल और नलकूपों के आसपास रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज पिट निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जल संरक्षण और जल के दुरुपयोग को रोकने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।
विभाग ने सभी निकायों को निर्देश दिए हैं कि जलजनित बीमारी या महामारी की सूचना मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिक समूहों के सहयोग से हर वार्ड में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि गर्मियों में जल संकट से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

