शासन-प्रशासन पर पक्षपात का आरोप, आश्वासन पर माने विधायक – vedantsamachar.in

शासन-प्रशासन पर पक्षपात का आरोप, आश्वासन पर माने विधायक

जांजगीर चांपा 5 मई 2026 । शासन प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जांजगीर चांपा विधायक द्वारा आयोजित एक दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन चंद घंटों में अफसरों के आश्वासन पश्चात खत्म हो गया। खास बात यह है कि विधायक और समर्थकों के साथ पहुंचे कांग्रेसियों को पुलिस बल ने कलेक्टोरेट परिसर तक पहुंचने ही नहीं दिया। ऐसे में वे मुख्य गेट के सामने महात्मा गांधी की फोटो रखकर आंदोलन में बैठ गए।
शासन-प्रशासन द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को अनदेखी के विरोध में सोमवार 4 मई को जांजगीर-चांपा के विधायक ब्यास कश्यप ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने अपने समर्थकों के साथ चिलचिलाती धूप में बैठकर सत्याग्रह (अनशन) किया। इधर तय कार्यक्रम के अनुसार विधायक और उनके समर्थकों ने कलेक्टोरेट परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा के सामने सत्याग्रह आंदोलन करने का ऐलान किया था, लेकिन बड़ी संख्या में तैनात पुलिस बल ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। ऐसे में मुख्य द्वार के सामने गांधी जी की फोटो लेकर कांग्रेसी प्रदर्शन करने लगे। विधायक ब्यास कश्यप ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए जमकर दौरान अकलतरा वधायक राघवेन्द्र कुमार सिंह, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, वरिष्ठ कांग्रेसी दिनेश शर्मा, रमेश पैगवार विवेक सिसोदिया, पूर्व युकां अध्यक्ष प्रिंस शर्मा सहित अन्य नेताओं ने शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर भडास निकाली। इधर विधायक के आंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाईश देने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। कुछ देर बाद अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर और अधिकारी पहुंचे। उन्होंने उनसे चर्चा की और उनकी बातें शासन स्तर पर पहुंचाने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
सरकार विधायकों की कर रही उपेक्षा: राघवेन्द्र
अकलतरा विधायक राघवेन्द सिंह ने कहा कि छतीसगढ़ में सरकार द्वारा विधायकों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। इस उपेक्षा की शिकायत सदन में भी रखा गया है. उसके बाद भी विधायकों की समस्या को दरकिनार कर दिया है। जिसके आकोश में ब्यास कश्यप आंदोलन कर रहे है। यही हालत रही तो अकलतरा और पूरे प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस विधायक आंदोलन करेंगे।उन्होंने इस तरह का रवैया नहीं बदलने पर आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।