कोरबा, 04 अप्रैल (वेदांत समाचार) । कोसा से बने कपड़ों में कोरबा जिला के छुरीकला, सोहागपुर, उमरेली को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है। रेशम कोसा विभाग के माध्यम से तसर कोसा प्रशिक्षण केंद्र कई स्थान पर चल रहे हैं। इसके माध्यम से लोगों को कोसा फल से रेशे निकालने और उनके धागाकरण की तकनीक सिखाई जा रही है। विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य से कहीं ज्यादा उत्पादन करने में जिला सफल रहा।
कोसा उत्पादन के लिए जिले में कई जगह रोपणी लगाई गई है जिनमें एक निश्चित व्यवस्था के तहत अर्जुन के वृक्षों पर ककून को लगाने के साथ अगली प्रोसेसिंग की जाती है। बताया गया कि तसर कोसा के मामले में नई विधियां आई हैं और इन पर लगातार ध्यान दिया गया है। अच्छी कोशिशों से कारोबारियों को लाभ देना तय हो सका। उन्होंने बताया कि विदेशों पर निर्भरता को काफी हद तक कम करने में सहायता मिली है।
