मिशन मित्र: ‘गगनयात्रियों’ की सुरक्षा के लिए ISRO का बड़ा कदम, अंतरिक्ष जैसी परिस्थितियों में हो रहा परीक्षण

बेंगलुरु, 04 अप्रैल। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अपने महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों (गगनयात्रियों) की सुरक्षा और क्षमता को परखने के लिए ‘मिशन मित्र’ की शुरुआत की है। यह मिशन अंतरिक्ष जैसी कठिन परिस्थितियों में चालक दल के प्रदर्शन का आकलन करने पर केंद्रित है।

इसरो द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ‘मिशन मित्र’ का आयोजन केंद्र शासित प्रदेश लेह में 2 से 9 अप्रैल तक किया गया। इस मिशन का शुभारंभ इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने किया। इसका मुख्य उद्देश्य गगनयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी शारीरिक व मानसिक मजबूती का परीक्षण करना है।

इसरो ने बताया कि ‘मिशन मित्र’ अपने प्रकार का पहला टीम व्यवहार अध्ययन है, जिसे इसरो और भारतीय वायु सेना के एयरोस्पेस मेडिसिन संस्थान के सहयोग से तैयार किया गया है। इसमें अत्यधिक ऊंचाई, कम तापमान और कम ऑक्सीजन जैसी परिस्थितियों में चालक दल के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और परिचालन व्यवहार का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।

मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशनों में चालक दल की सुरक्षा और प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण पहलू होते हैं। इसरो के अनुसार, टीम के सदस्यों के बीच प्रभावी संचार, तनाव प्रबंधन और आपसी सहयोग किसी भी मिशन की सफलता और सुरक्षा तय करते हैं।

इस मिशन के तहत नियंत्रित लेकिन अंतरिक्ष जैसी परिस्थितियों में ‘एनालॉग मिशन’ संचालित किए जा रहे हैं, ताकि यह समझा जा सके कि कठिन हालात में चालक दल किस तरह प्रतिक्रिया देता है। लेह का उच्च-ऊंचाई वाला क्षेत्र, जहां बेहद कम तापमान और ऑक्सीजन की कमी होती है, अंतरिक्ष के वातावरण के काफी करीब माना जाता है।