कोरबा,25 अप्रैल (वेदांत समाचार)। कोरबा जिले के कोयला खदान क्षेत्रों में सक्रिय श्रमिक संगठन कोयला मजदूर सभा (हिन्द मजदूर सभा) के भीतर आंतरिक विवाद गहराता जा रहा है। गेवरा-दीपका क्षेत्र तथा सेंट्रल एक्सकेवेशन वर्कशॉप, गेवरा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संगठन के महामंत्री नाथू लाल पाण्डेय द्वारा की गई प्रभारियों की नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
इस संबंध में स्थानीय पदाधिकारियों ने पंजीयक अधिकारी (व्यवसायिक संघ), नया रायपुर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि महामंत्री द्वारा दिनांक 8 अप्रैल 2026 को जारी पत्र के माध्यम से साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। विरोध कर रहे सदस्यों का कहना है कि संगठन के संविधान में ‘प्रभारी’ नामक किसी पद का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए यह नियुक्ति सीधे तौर पर संविधान का उल्लंघन है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस प्रकार की नियुक्ति के लिए संगठन के किसी भी स्तर पर न तो प्रस्ताव पारित किया गया और न ही संबंधित क्षेत्रीय या शाखा समितियों से कोई सलाह-मशविरा लिया गया। पदाधिकारियों ने इसे एकतरफा निर्णय बताते हुए ‘अधिनायकवादी कार्यशैली’ का उदाहरण करार दिया है, जो श्रमिक संगठन की लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।
विरोध करने वाले सदस्यों का कहना है कि इस फैसले से संगठन के भीतर असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की है कि महामंत्री द्वारा जारी उक्त आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, ताकि संगठन में पारदर्शिता और सामंजस्य बनाए रखा जा सके।
इस मामले की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ शासन के श्रम मंत्री, हिन्द मजदूर सभा के अध्यक्ष तथा हिन्द कोलियरी मजदूर फेडरेशन – हिन्द मजदूर सभा के महामंत्री को भी प्रेषित की गई है, ताकि उच्च स्तर पर हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
