नई दिल्ली,24अप्रैल: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। नई दिल्ली में संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा, ‘हमने निर्णय लिया है कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य भारत के संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए भाजपा में शामिल होंगे।’
राघव चड्ढा ने कहा, ‘राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं, जिनमें से दो-तिहाई से अधिक हमारे साथ हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर हस्ताक्षर किए हैं और आज सुबह हमने हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए हैं। यहां हमारे साथ तीन सांसद मौजूद हैं। इनके अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी हमारे साथ हैं।’
राघव चड्ढा ने कहा, ‘जिस AAP को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकताओं से भटक गई है। अब यह पार्टी देशहित में काम नहीं करती, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम कर रही है। पिछले कुछ वर्षों से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं। इसलिए आज हम घोषणा करते हैं कि मैं AAP से खुद को अलग कर रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं।’
राघव चड्ढा ने कहा, ‘मैं आपको असली वजह बता रहा हूं कि मैंने पार्टी की गतिविधियों से दूरी क्यों बनाई। मैं उनके कथित गलत कामों का हिस्सा नहीं बनना चाहता था। मैं उनकी दोस्ती के योग्य नहीं था, क्योंकि मैं उनके कामों में शामिल नहीं था। हमारे पास सिर्फ दो विकल्प थे – या तो राजनीति छोड़ दें और पिछले 15-16 सालों में किए गए जनसेवा के काम को खत्म कर दें, या फिर अपनी ऊर्जा और अनुभव के साथ सकारात्मक राजनीति करें। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य भारत के संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए स्वयं को भाजपा में विलय करेंगे।’
AAP नेता संदीप पाठक ने कहा, ‘मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था कि ये स्थिति आएगी पर ये आई। 10 साल से इस पार्टी से मैं जुड़ा रहा और आज मैं आप से अपने रास्ते अलग कर रहा हूं।’ पाठक ने कहा, ’10 सालों में ईश्वर साक्षी है कि मैंने खूब मेहनत की। दिन रात नहीं देखा। सबकुछ झोंक दिया। मैंने कभी खुद को आगे नहीं किया। पार्टी को आगे रखा। अरविंद केजरीवाल को आगे रखा। मेरा मकसद था कि देश के लिए काम करना है। मेरी ईमानदारी का, निष्ठा का प्रमाण मैं नहीं दूंगा आप के नेता देंगे। मैंने जितने भी फैसले लिए वे सारे पार्टी को सबसे ऊपर रखकर लिए।’
