रायपुर, 23 अप्रैल (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान तापमान में कोई विशेष बदलाव दर्ज नहीं किया गया, लेकिन अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद आगामी तीन दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विभाग ने 24 अप्रैल से मध्य छत्तीसगढ़ में लू (हीट वेव) चलने की चेतावनी जारी की है। यह स्थिति लगातार तीन दिनों तक बनी रह सकती है। लू के प्रभाव से दिन के समय तापमान में तीव्र बढ़ोतरी होगी और आम जनजीवन पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
हालांकि, गर्मी के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने करवट भी ली है। बस्तर संभाग के जगदलपुर में बुधवार दोपहर अचानक मौसम बदला और हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई। इससे स्थानीय स्तर पर तापमान में थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन अन्य क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप बना हुआ है। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुर्ग में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा, वहीं जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम भी उठाने शुरू कर दिए हैं। कोरबा जिले में व्यापमं द्वारा आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। पहले ये परीक्षाएं दोपहर 12 बजे से आयोजित होती थीं, लेकिन अब इन्हें सुबह 10 बजे से शुरू किया जाएगा, ताकि परीक्षार्थियों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिल सके।
नई समय-सारणी के अनुसार 26 अप्रैल को मंडी बोर्ड उप निरीक्षक परीक्षा, 14 मई को एसएससी नर्सिंग एवं पीईटी परीक्षा तथा 21 मई को पीपीएचटी परीक्षा सुबह 10 बजे से आयोजित की जाएगी। प्रशासन का यह निर्णय छात्रों की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में सतर्कता बरतना जरूरी हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि लू का असर इन वर्गों पर अधिक पड़ता है।
