जांजगीर-चांपा, 22 अप्रैल (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में चमत्कार और इलाज के नाम पर एक महिला के साथ अनाचार और ब्लैकमेलिंग का गंभीर मामला सामने आया है। थाना पामगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कथित बाबा को Dharamshala से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान स्वामी निर्मल जी उर्फ निर्मल बाबा (60 वर्ष), निवासी Nashik के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को चमत्कारी बाबा बताकर लोगों को झांसे में लेता था और उनकी समस्याएं दूर करने का दावा करता था। इसी दौरान उसने एक महिला को शरीर के दर्द का इलाज करने का भरोसा देकर अपने संपर्क में लिया और बाद में उसके साथ कई बार अनाचार किया।
पीड़िता ने 11 अप्रैल 2026 को थाना पामगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि चैत्र नवरात्रि के दौरान आरोपी पामगढ़ क्षेत्र के एक गांव में पदयात्रा करते हुए आया था और लोगों को चमत्कार दिखाने का दावा कर रहा था। पीड़िता अपनी सहेली के साथ उससे मिलने गई, जहां आरोपी ने उसका हाथ देखकर इलाज का भरोसा दिया और उसका मोबाइल नंबर ले लिया।
इसके बाद आरोपी ने 26 मार्च को पामगढ़ के बाजार में बुलाकर महिला को ‘प्रसाद’ दिया और बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पहले उसे बिलासपुर ले जाया गया, फिर ट्रेन से मध्य प्रदेश के मैहर पहुंचाया गया, जहां एक होटल में ठहराकर ‘इलाज’ के नाम पर कई बार जबरन अनाचार किया गया। 1 अप्रैल को आरोपी पीड़िता को बिलासपुर में छोड़कर फरार हो गया।
घटना के बाद भी आरोपी का उत्पीड़न जारी रहा। पीड़िता के घर लौटने के बाद आरोपी लगातार फोन कर उसे परेशान करता रहा। जब पीड़िता ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया, तो उसने पीड़िता के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील फोटो पोस्ट कर उन्हें वायरल कर दिया और ब्लैकमेल करने लगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक Nivedita Pal के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Umesh Kumar Kashyap के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। SDOP अकलतरा Pradeep Kumar Sori के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 21 अप्रैल को धर्मशाला में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(एम) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना पामगढ़ प्रभारी निरीक्षक सावन सारथी सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कार्रवाई की जा रही है।
