रायगढ़,21 अप्रैल (वेदांत समाचार) । रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील अंतर्गत ग्राम मुरा एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ा है। करीब 40 वर्ष पहले यहां आयोजित हुआ “श्री हरि महायज्ञ” इतना भव्य और दिव्य था कि इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैल गई थी। उस दौर में मुरा को लोग नाम से नहीं, बल्कि “हरि हाट वाला गांव” कहकर पहचानते थे—जहां आस्था, भक्ति और जनसमूह का अद्भुत संगम देखने को मिलता था।
समय के साथ यह परंपरा थम गई, लेकिन अब समस्त ग्रामवासियों के अथक प्रयास, एकजुटता और समर्पण से वही गौरवशाली इतिहास फिर लौटने जा रहा है। लंबे अंतराल के बाद इतने बड़े आयोजन को पुनः साकार करना आसान नहीं था, फिर भी ग्रामीणों ने दिन-रात मेहनत कर इसे संभव बनाया है। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि गांव की पहचान, संस्कृति और आस्था के पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया है।
23 अप्रैल से 30 अप्रैल तक आयोजित होने वाले इस महायज्ञ का शुभारंभ 23 अप्रैल को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। पूरे गांव में तैयारियां जोरों पर हैं और हर ओर भक्ति का माहौल नजर आ रहा है।
