फर्जी मैरिज ब्यूरो गिरोह का भंडाफोड़, बिलासपुर पुलिस ने 4 आरोपियों को लिया हिरासत में

बिलासपुर, 03 अप्रैल (वेदांत समाचार)। फर्जी बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के जरिए संचालित मैरिज ब्यूरो के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सरकण्डा और कोतवाली थाना क्षेत्र में संचालित कॉल सेंटरों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह के संचालक समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी शादी के इच्छुक लोगों को झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठते थे। ग्राहकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने के लिए युवतियों के फर्जी प्रोफाइल बनाकर उनसे बातचीत कराई जाती थी, जिससे वे झांसे में आकर रकम जमा कर देते थे।

मामले का खुलासा बैंक खातों की जांच के दौरान हुआ, जिसमें पाया गया कि कई खातों का उपयोग वास्तविक खाताधारकों के बजाय अन्य लोग कर रहे थे। इन खातों में मैरिज ब्यूरो के नाम पर पैसे जमा कराए जा रहे थे। एक शिकायत में बिहार निवासी व्यक्ति से विवाह के लिए उपयुक्त वधु दिलाने का झांसा देकर 10 हजार रुपये जमा कराए गए, लेकिन बाद में कोई सेवा नहीं दी गई। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच के दौरान सरकण्डा क्षेत्र में संचालित एक मैट्रिमोनियल ऑफिस की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने दबिश दी। मौके पर संचालक और उसके सहयोगी मौजूद मिले, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में पूरे गिरोह के काम करने के तरीके का खुलासा हुआ।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मैरिज ब्यूरो से 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। साथ ही बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन का भी पता चला है।

इस मामले में महारथी साहू, फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास, तरुणा उर्फ सोनु खरे और नीरा बाथम को हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना सरकण्डा में धारा 318(4) और 61(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि शहर के अन्य इलाकों में भी इस तरह के फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित होने की जानकारी मिली है, जिनकी जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस प्रकार की ठगी करने वाले अन्य आरोपियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।