डेंगू वैक्सीन के जल्द आने की उम्मीद, क्या काबू में आ सकेगी ये खतरनाक बीमारी?

भारत में डेंगू की वैक्सीन आ सकती है. इस वैक्सीन को जापान की एक कंपनी ने बनाया है. भारत में हैदराबाद की बायोलॉजिकल ई के साथ साझेदारी में उपलब्ध कराया जा सकता है. इसी साल इस वैक्सीन के मिलने की उम्मीद है. यह वैक्सीन डेंगू की रोकथाम करेगी. लेकिन सवाल यह उठता है कि ये टीका किनको लगाया जाएगा और क्या इससे डेंगू को काबू करने में मदद मिलेगी? इसका जवाब एक्सपर्ट्स से जानते हैं.

लेडी हार्डिंगे मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर डॉ. एलएच घोटेकर बताते हैं कि किसी वैक्सीन के आने के बाद बीमारी को तुरंत ही पूरी तरह काबू या खत्म नहीं किया जा सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है टीकाकरण कितने लोगों को किस उम्र वालों का और कैसे हो रहा है. फिलहाल यह तय नहीं है कि अभी ये टीका किस उम्र में लगेगा. जब भारत में इस वैक्सीन से टीकाकरण शुरू हो जाएगा तभी ये कहा जा सकता है कि ये बीमारी को कितना और किस स्तर पर काबू कर पाएगी.

अस्पताल में भर्ती होने की दर हो सकेगी कम
डॉ घोटेकर कहते हैं कि वैक्सीन से यह फायदा जरूर होता है कि अगर कोई टीका लगवा ले तो उसके डेंगू से अस्पताल में भर्ती होने की दर कम हो जाती है.वैक्सीन आने से डेंगू के गंभीर मामलों और अस्पताल में भर्ती होने की दर को कम किया जा सकता है. इससे खासकर उन लोगों को फायदा होता है. जो बार-बार डेंगू के जोखिम में रहते हैं. हालांकि ये जरूरी है कि कोई भी वैक्सीन बीमारी को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती है. जैसे कोरोना की वैक्सीन अधिकतर आबादी को लग चुकी है, लेकिन आज भी इसके मामले आते हैं. ऐसे हीकेवल वैक्सीन ही डेंगू को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती.

पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हो सकता है डेंगू
डेंगू के भी एक नहीं बल्कि चार अलग-अलग प्रकार के स्ट्रेन होते हैं. एक वैक्सीन सभी स्ट्रेन पर काम करे ऐसा मुश्किल ही होता है. दूसरी तरफ मच्छरों की बढ़ती संख्या भी एक बड़ी चुनौती होती है. इसलिए वैक्सीन के साथ-साथ मच्छरों पर नियंत्रण और साफ-सफाई भी जरूरी है.लोगों को अपने आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छरदानी का उपयोग करना और शरीर को ढककर रखना जैसे उपाय भी अपनाने होंगे.