Vedant Samachar

ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले से भड़का ड्रैगन, US को दे डाली ये सलाह

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इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग में अमेरिका के कूदने के बाद नया मोड़ आ चुका है। ईरान के प्रमुख 3 परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद जंग लंबी खिंचने के आसार हैं। ईरान के ऊपर हमले के बाद कई देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। चीन ने अमेरिकी हमले को लेकर नाराजगी जाहिर की है। चीन ने अमेरिकी हमले की निंदा करते हुए इसे गलत बताया है।

चीन का कहना है कि अमेरिका को कभी भी अपना इतिहास नहीं भूलना चाहिए। अमेरिका एक बार फिर से अपनी रणनीतिक गलतियों को दोहरा रहा है। चीनी मीडिया में अमेरिकी स्ट्राइक की निंदा की गई है। चीन का कहना है कि यूएस की कार्रवाई स्थिति को खतरनाक मोड़ की ओर ले जा सकती है।

इराक युद्ध पर निशाना
चीन का कहना है कि जब भी मिडिल ईस्ट में कोई सैन्य हस्तक्षेप होता है, तब-तब उसके अनचाहे नतीजे सामने आए हैं। इसकी झलक इतिहास में भी देखने को मिलती है। इससे लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष पैदा होता है और क्षेत्र में अस्थिरता की स्थिति बन जाती है। माना जा रहा है कि चीन का यह बयान इराक युद्ध की ओर इशारा करता है, जो 2003 में शुरू हुआ था।

कार्रवाई नहीं, बातचीत जरूरी
चीन का कहना है कि सैन्य टकराव के बजाय मिडिल ईस्ट को अपने मुद्दे बातचीत के जरिए सुलझाने चाहिए। चीन हमेशा बातचीत को प्राथमिकता देता है। मिडिल ईस्ट में अगर स्थिरता लाई जा सकती है, तो सिर्फ बातचीत को ही तरजीह दिए जाने की जरूरत है।

3 ठिकानों को तबाह करने का दावा
बता दें कि 22 जून की रात को 6 बी-2 बॉम्बर विमानों ने ईरान के 3 प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हमला किया। अमेरिकी विमानों ने मिसौरी एयरबेस से उड़ान भरी थी। इन विमानों को 21 जून को गुआम एयरबेस के लिए रवाना किया गया था। इन्हीं विमानों के जरिए बंकर बस्टर बम गिराए गए।

दावा किया गया है कि हमले में ईरान के सभी परमाणु ठिकाने पूरी तरह बर्बाद हो गए। ईरान पर हमले के बाद कई देशों की प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने दावा किया है कि वह इस कार्रवाई का गंभीरता से जवाब देगा। ईरान ने इजरायल के कई शहरों पर मिसाइलें दागी हैं।

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