KORBA:भीषण गर्मी में पेयजल संकट गहराया: बंद पड़े आरओ प्लांटों से लोग परेशान, मेंटेनेंस प्रभारी ने बताई वजह - vedantsamachar.in

KORBA:भीषण गर्मी में पेयजल संकट गहराया: बंद पड़े आरओ प्लांटों से लोग परेशान, मेंटेनेंस प्रभारी ने बताई वजह

राजू तिवारी,कोरबा/दीपका,16 अप्रैल । कोरबा जिले के साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (South Eastern Coalfields Limited – SECL) के गेवरा-दीपका क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका परिषद दीपका में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर शुद्ध एवं ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दीपका के श्रमिक चौक, थाना चौक सहित अन्य व्यस्त इलाकों में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है, लेकिन यहां पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके कारण लोगों को भीषण गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

क्षेत्र में पूर्व में स्थापित रिवर्स ऑस्मोसिस (Reverse Osmosis – RO) प्लांट रखरखाव के अभाव में बंद पड़े हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दीपका के सामने लगा आरओ प्लांट लंबे समय से बंद है, जबकि एनसीएच (NCH) अस्पताल के सामने स्थित प्लांट, जो कुछ समय पहले तक चालू था, वह भी पिछले लगभग एक महीने से बंद पड़ा है। इसी तरह प्रगति नगर का आरओ प्लांट भी कई महीनों से बंद है।

आरओ प्लांट के मेंटेनेंस का कार्य देखने वाले प्रकाश गुडेकर ने बताया कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) द्वारा गेवरा और दीपका क्षेत्र में दो आरओ प्लांट लगाए गए हैं। इनमें गेवरा का प्लांट चालू है, जबकि दीपका का प्लांट पिछले दो-तीन दिनों से पानी की सप्लाई बाधित होने के कारण बंद है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त पानी उपलब्ध होने पर ही आरओ प्लांट के टैंक को भरा जा सकता है, जिससे संचालन संभव हो पाता है।

वहीं नगर पालिका परिषद दीपका के अंतर्गत स्थापित तीन आरओ प्लांट वर्षों से बंद पड़े हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इन प्लांटों के बंद रहने से दीप कॉलोनी, बाजार क्षेत्र और आसपास के निवासियों को सस्ते और शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि सभी बंद पड़े आरओ प्लांटों की तकनीकी जांच कराकर उन्हें शीघ्र चालू कराया जाए। साथ ही, भीषण गर्मी को देखते हुए प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ (जल वितरण केंद्र) शुरू किए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

गर्मी के इस चरम दौर में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।