कोरबा,16 अप्रैल (वेदांत समाचार)। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब कोरबा जिले में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बाद अब शहर में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई चेन भी गड़बड़ा गई है। पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो से पेट्रोल पंपों को मांग की तुलना में काफी कम आपूर्ति मिल रही है, जिससे शहर के अधिकांश पंपों पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है।
शहर के कई पेट्रोल पंपों पर पिछले दो दिनों से ‘रिजर्व स्टॉक’ और ‘नो पेट्रोल’ के बोर्ड लगे नजर आ रहे हैं। स्थिति यह है कि आम उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है, जबकि प्रीमियम पेट्रोल उपलब्ध है, जिसके लिए प्रति लीटर 7 से 8 रुपए अधिक चुकाने पड़ रहे हैं।
आपूर्ति में 50 फीसदी तक कटौती
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से ही आपूर्ति में कटौती की जा रही है। सामान्य खपत की तुलना में लगभग 50 फीसदी ही पेट्रोल-डीजल भेजा जा रहा है। कम सप्लाई के कारण स्टॉक जल्दी समाप्त हो रहा है। वहीं, प्रीमियम पेट्रोल की खपत कम होने के कारण उसका स्टॉक अधिक बचा हुआ है, जिससे अब उपभोक्ताओं को मजबूरी में वही लेना पड़ रहा है।
शहर के प्रमुख पंपों पर शॉर्टेज
ट्रांसपोर्ट नगर, बुधवारी, घंटाघर, कोसाबाड़ी, ओवरब्रिज के नीचे और शारदा विहार स्थित पेट्रोल पंपों पर पिछले 24 घंटों में सामान्य पेट्रोल की भारी कमी देखी गई। वाहन चालकों के पहुंचने पर उन्हें सामान्य पेट्रोल खत्म होने की जानकारी दी जा रही है और प्रीमियम पेट्रोल लेने के लिए कहा जा रहा है। स्थानीय उपभोक्ता जगत राम ने बताया कि पिछले दो दिनों से उन्हें महंगा पेट्रोल लेना पड़ रहा है, जिससे खर्च बढ़ गया है।
निजी कंपनियों को डीजल सप्लाई बंद
सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण पेट्रोलियम कंपनियों ने निजी कंपनियों को डीजल की आपूर्ति भी बंद कर दी है। इसका असर खदानों और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। बड़ी कंपनियों के पंपों पर डीजल नहीं मिलने से मशीनों और वाहनों के संचालन पर असर पड़ रहा है। ऐसे में कंपनियां अब बाहरी पेट्रोल पंपों से डीजल की व्यवस्था करने की कोशिश कर रही हैं।
अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका
इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
