जगदलपुर, 15 अप्रैल 2026। बस्तर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का खुलासा किया है। थाना कोतवाली पुलिस ने नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित ट्रामोडोल कैप्सूल बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के नेतृत्व में चल रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस को 13 अप्रैल की शाम मुखबिर से सूचना मिली कि आमागुड़ा चौक पर एक युवक काले बैग में नशीली कैप्सूल लेकर बिक्री के लिए खड़ा है। सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार डी धोत्रे के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर के नेतृत्व में टीम गठित कर मौके पर घेराबंदी की गई।
घेराबंदी के दौरान पुलिस ने संदिग्ध युवक को पकड़ा, जिसने पूछताछ में अपना नाम समीर बघेल (23 वर्ष), निवासी पनारापारा जगदलपुर बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से 27 पत्तों में कुल 216 नग ट्रामोडोल कैप्सूल (वजन 120.96 ग्राम) बरामद हुए, जिनकी कीमत करीब 1 लाख 8 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में समीर बघेल ने बताया कि वह ये प्रतिबंधित दवाएं उड़ीसा के नबरंगपुर से लाकर जगदलपुर में युवाओं को बेचता था। इसके बाद पुलिस ने सप्लायर की जानकारी जुटाकर विशेष टीम को नबरंगपुर रवाना किया। टीम ने नबरंगपुर बस स्टैंड से सम्मुख ईश्वर उर्फ सोनू (18 वर्ष), निवासी नबरंगपुर, को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 2 पत्तों में 16 नग ट्रामोडोल कैप्सूल (वजन 8.96 ग्राम) बरामद किए गए, जिनकी कीमत लगभग 8 हजार रुपये है।
दोनों आरोपियों के पास से कुल 29 पत्तों में 232 नग ट्रामोडोल कैप्सूल (कुल वजन 129.92 ग्राम) जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 1 लाख 16 हजार रुपये बताई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21 (बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि नबरंगपुर स्थित एक मेडिकल स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई की जा रही थी। इस पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक लीलाधर राठौर, उप निरीक्षक अरुण मरकाम, प्रमोद ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक भुवनेश्वर पाण्डे, प्रधान आरक्षक विनोद चांदने, अनंत बघेल तथा आरक्षक बलराम कश्यप, छबि लाल सोम और महिला आरक्षक रीना अनंत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
