खर्री बड़े पंचायत में फिर उठा वित्तीय अनियमितताओं का मामला, उपसरपंच-पंचों ने सरपंच पर लगाए गंभीर आरोप - vedantsamachar.in

खर्री बड़े पंचायत में फिर उठा वित्तीय अनियमितताओं का मामला, उपसरपंच-पंचों ने सरपंच पर लगाए गंभीर आरोप

धारा 40 के लंबित प्रकरण के बीच पंचायत खातों पर रोक लगाने की मांग, सीईओ पर सरपंच को संरक्षण देने का भी आरोप

सारंगढ़। जनपद पंचायत सारंगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत खर्री बड़े में एक बार फिर पंचायत के कार्यों और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवाद गहरा गया है। उपसरपंच, पंचों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने गुरुवार को जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को सामूहिक ज्ञापन सौंपते हुए सरपंच गिरिजा प्रसाद पटेल पर शौचालय निर्माण, गौण खनिज मद तथा विभिन्न विकास कार्यों में अनियमितता और शासकीय राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं।

ज्ञापन में मांग की गई है कि सरपंच के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी, पंचायत, सारंगढ़ के न्यायालय में लंबित है। ऐसे में अंतिम निर्णय आने तक ग्राम पंचायत खर्री बड़े के सभी बैंक खातों से किसी भी प्रकार की राशि का आहरण और भुगतान तत्काल प्रभाव से रोका जाए। प्रकरण की अगली सुनवाई 14 अगस्त 2026 को निर्धारित है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृत लगभग 15 लाख रुपये की राशि का फर्जी तरीके से आहरण किया गया। इसके अलावा गौण खनिज रॉयल्टी मद से स्वीकृत लगभग 29.24 लाख रुपये के आठ विकास कार्यों में भी केवल औपचारिक कार्य कर राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि इन शिकायतों की विभागीय जांच में अधिकांश बिंदु सही पाए गए थे, जिसके बाद मामला अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के न्यायालय भेजा गया। न्यायालय में सरपंच के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

सीईओ पर संरक्षण देने का आरोप

उपसरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने जनपद पंचायत सारंगढ़ के सीईओ राधेश्याम नायक पर भी सरपंच को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं, लेकिन समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का दावा है कि न्यायालय द्वारा तीन बार नोटिस जारी किए जाने के बाद ही जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अब भी कुछ पंचों को प्रभावित कर मामले को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए पंचायत निधि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

पहले भी दिया जा चुका है आवेदन

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इसी विषय को लेकर 29 जनवरी 2026 को भी आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पुनः सामूहिक ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान उपसरपंच कृष्णा यादव, पंच बिमला पटेल, मालती सिदार, सित्य मानिकपुरी, ज्योति प्रभा पटेल, नारगी बाई भारद्वाज सहित रेशम लाल पटेल, महेंद्र कुमार पटेल, भूपेंद्र कुमार पटेल, महेश राम भारद्वाज, कार्तिक राम पटेल, दशरथ राम यादव, मनोहर दास मानिकपुरी, रूप सिंह सिदार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

अधिकारियों का पक्ष नहीं मिल सका

इस संबंध में जनपद पंचायत सारंगढ़ एवं जिला पंचायत के संबंधित अधिकारियों से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके मोबाइल फोन रिसीव नहीं होने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। यदि अधिकारियों की प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।