कॉलेज पर बनी लव स्टोरीज़ में एक अलग ही जादू होता है। पहला क्रश, कैंटीन की बातें, बंक किए हुए लेक्चर और ज़िंदगी भर साथ रहने वाली दोस्तियां, ये सब यादें अपने आप ताज़ा हो जाती हैं। ‘ये फितूर तेरा’ का पहला एपिसोड भी कुछ ऐसा ही एहसास दिलाता है और शुरुआत से ही अपनी युवा ऊर्जा के साथ दर्शकों को जोड़ने में कामयाब रहता है।
पहले एपिसोड में दो बिल्कुल अलग-अलग स्वभाव के किरदारों से मुलाकात होती है, जो पहली नज़र में ही ध्यान खींच लेते हैं। इशान धवन, जीत के किरदार में अपने स्वैग, आत्मविश्वास और दमदार स्क्रीन प्रेज़ेंस से प्रभावित करते हैं। उनका रफ एंड टफ अंदाज़ कुछ दर्शकों को कबीर सिंह की याद दिला सकता है, लेकिन इशान जीत को अपनी अलग पहचान देने में सफल रहते हैं।
वहीं, देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने सौम्या के किरदार को बेहद सहज और ईमानदारी से निभाया है। एक शर्मीली और सादगी पसंद लड़की, जो पहली बार कॉलेज की नई दुनिया में कदम रख रही है, उसकी झिझक और मासूमियत को उन्होंने बिना किसी बनावटीपन के पर्दे पर उतारा है। यही बात उनके किरदार को और भी भरोसेमंद बनाती है।
पहले एपिसोड की सबसे बड़ी खासियत है जीत और सौम्या के बीच की केमिस्ट्री। दोनों के बिल्कुल अलग व्यक्तित्व उनकी मुलाकातों को दिलचस्प बनाते हैं और आगे उनकी कहानी किस दिशा में जाएगी, इसे जानने की उत्सुकता भी पैदा करते हैं। कॉलेज का माहौल, दोस्तों की मस्ती, युवा ऊर्जा और हल्का-फुल्का रोमांस कहानी को और भी ताज़गी देता है। वहीं हाल ही में रिलीज़ हुआ गाना ‘चल ना रील बनाते हैं’ भी शो की कहानी में खूबसूरती से फिट बैठता है और पूरे कॉलेज वाइब को और मज़ेदार बना देता है।
कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी ज़रूर है क्योंकि पहला एपिसोड किरदारों और उनकी दुनिया को स्थापित करने में समय लेता है। लेकिन यह धीमापन कहानी को मज़बूत आधार देने का काम करता है। अगर पहला एपिसोड कोई संकेत है, तो ‘ये फितूर तेरा’ एक ऐसी कॉलेज लव स्टोरी साबित हो सकती है, जिसे देखने का मन बार-बार करेगा।

