छत्तीसगढ़ कैबिनेट के सात बड़े फैसले: 500 करोड़ का AI मिशन, BEML प्लांट, ग्रामीण सड़कों और बिजली क्षेत्र को मिली नई दिशा - vedantsamachar.in

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के सात बड़े फैसले: 500 करोड़ का AI मिशन, BEML प्लांट, ग्रामीण सड़कों और बिजली क्षेत्र को मिली नई दिशा

रायपुर,05 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, डिजिटल सुशासन, औद्योगिक निवेश, ग्रामीण अधोसंरचना और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने 500 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन सहित सात प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी।

राज्य में पहली बार 500 करोड़ रुपये की लागत से पांच वर्षीय छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन शुरू किया जाएगा। मिशन के तहत 100 AI डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी तथा छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही शासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।

कैबिनेट ने भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। राज्य में स्थापित होने वाला यह पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र होगा। इससे बड़े निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा एमएसएमई क्षेत्र को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) के प्रथम चरण को मंजूरी दी गई। सी-डैक, पुणे द्वारा विकसित इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से कार्य स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन और गुणवत्ता निगरानी एक ही प्लेटफॉर्म पर की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया गया है। अब ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण की सुविधा मिलेगी तथा सड़क निर्माण से पहले मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। योजना का दायरा भी बढ़ाकर ऐसे सभी ग्रामीण मार्गों तक किया गया है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अथवा अन्य योजनाओं में शामिल नहीं हैं।

कैबिनेट ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से ‘अंजोर लाइट’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्ण अनुदान स्वीकार करने को भी मंजूरी दी। तीन वर्ष की इस परियोजना के तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, पीपीपी मॉडल, ग्रीन फाइनेंस, सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता तथा ‘अंजोर विजन-2047’ के अनुरूप परियोजनाओं की योजना तैयार की जाएगी। इस परियोजना में राज्य सरकार को कोई वित्तीय अंशदान नहीं देना होगा।

सरकारी योजनाओं की राशि के पारदर्शी और प्रभावी उपयोग के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल लागू करने का निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत योजनाओं की राशि केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से आवश्यकता अनुसार सीधे हितग्राहियों या वेंडरों को जारी की जाएगी। इससे वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा, निष्क्रिय राशि और वित्तीय अनियमितताओं पर नियंत्रण लगेगा तथा योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।

ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की अनुमति दी है। इसके लिए राज्य सरकार मूलधन और ब्याज भुगतान पर गारंटी उपलब्ध कराएगी। इस निर्णय से बिजली अवसंरचना के विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के नए रास्ते खुलेंगे।