रायपुर, 04 अगस्त (वेदांत समाचार) । राजधानी रायपुर में ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाले एक युवक के साथ चाकू की नोक पर लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बदमाशों ने पहले फर्जी तरीके से खाने और रेडबुल का ऑर्डर बुक कराया, फिर डिलीवरी के लिए पहुंचे युवक को चाकू दिखाकर उसका महंगा मोबाइल फोन लूट लिया। घटना देर रात की है, जिसके बाद पीड़ित काफी सहम गया और कुछ समय बाद अपने दोस्त से सलाह लेने के बाद पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।पीड़ित युवक महासमुंद जिले के ग्राम झलप का रहने वाला है और वर्तमान में रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र अंतर्गत कृष्णा नगर, गली नंबर-6 में किराये के मकान में रहता है। उसने बारहवीं तक पढ़ाई की है और पार्ट-टाइम जोमैटो डिलीवरी एजेंट के रूप में काम करता है। युवक के अनुसार वह 2 अगस्त 2026 की रात करीब 1:30 बजे समता कॉलोनी से मिले एक ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी करने कटोरा तालाब क्षेत्र स्थित संत कंवरराम चौक के आगे एक्स-9 कपड़ा दुकान के सामने पहुंचा था। ऑर्डर में दो रेडबुल और खाना शामिल था। पीड़ित ने बताया कि जैसे ही वह ऐप पर दिए गए लोकेशन के पास पहुंचा, वहां एक्टिवा सवार दो युवक पहले से मौजूद मिले। दोनों की उम्र लगभग 18 से 20 वर्ष के बीच थी।
उन्होंने खुद को ऑर्डर देने वाला बताते हुए डिलीवरी मांगी। युवक ने उनके कहने पर खाना और रेडबुल उन्हें सौंप दिया। इसके बाद जब उसने ऑर्डर की राशि मांगी तो दोनों युवक अचानक गाली-गलौज करने लगे और पैसे देने से साफ इनकार कर दिया।शिकायत के अनुसार, विवाद बढ़ने पर आरोपियों में से एक युवक ने अपने पास रखा चाकू निकाल लिया और जान से मारने की धमकी देने लगा। दोनों बदमाशों ने मिलकर डिलीवरी बॉय को डराया-धमकाया और चाकू की नोक पर उसका वीवो वी-27 कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया। लूटा गया मोबाइल करीब 34 हजार रुपये कीमत का बताया गया है। मोबाइल में जियो कंपनी का सिम भी लगा हुआ था।
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी एक्टिवा से मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने बताया कि घटना के समय काफी अंधेरा था, इसलिए वह आरोपियों की एक्टिवा का नंबर नहीं देख पाया। चाकू से हमला किए जाने के डर से उसने उनका पीछा करने की भी कोशिश नहीं की। घटना के बाद वह बुरी तरह घबरा गया था। उसने सबसे पहले अपने दोस्त जागेश्वर साहू को पूरी घटना की जानकारी दी। मानसिक रूप से डरा होने के कारण वह तत्काल पुलिस के पास नहीं जा सका। बाद में दोस्त की सलाह पर उसने थाने पहुंचकर पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
साथ ही ऑनलाइन ऑर्डर की डिटेल, मोबाइल नंबर और डिलीवरी से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ऑर्डर फर्जी पहचान से बुक किया गया था या किसी वास्तविक अकाउंट का इस्तेमाल किया गया। इस घटना ने राजधानी में देर रातडिलीवरी का काम करने वाले युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाले कर्मचारी अक्सर सुनसान इलाकों में देर रात ऑर्डर पहुंचाते हैं, जिससे वे अपराधियों के निशाने पर आ जाते हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही डिलीवरी एजेंटों को भी देर रात संदिग्ध स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

