धमतरी पुलिस की क्राइम मीटिंग में एसपी भावना पांडेय का सख्त निर्देश, लंबित मामलों के जल्द निराकरण और तकनीकी पुलिसिंग पर जोर - vedantsamachar.in

धमतरी पुलिस की क्राइम मीटिंग में एसपी भावना पांडेय का सख्त निर्देश, लंबित मामलों के जल्द निराकरण और तकनीकी पुलिसिंग पर जोर

धमतरी, 03 अगस्त (वेदांत समाचार)। जिले में अपराध नियंत्रण, त्वरित न्याय और प्रभावी पुलिसिंग को लेकर पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने सोमवार को थाना और चौकी प्रभारियों सहित पुलिस अधिकारियों की क्राइम मीटिंग ली। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, लंबित अपराधों, जांच प्रकरणों, चालान, मर्ग, शिकायतों और पुलिसिंग गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। एसपी ने अधिकारियों को समय सीमा से अधिक लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने और विवेचना में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में 31 जुलाई 2026 तक लंबित अपराधों की वर्षवार और अपराध शीर्षवार समीक्षा की गई। एसपी ने प्रत्येक लंबित प्रकरण की वर्तमान स्थिति, जांच में आ रही समस्याओं और देरी के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों के बेहतर संकलन और प्रत्येक प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही लंबित चालान, मर्ग, गुम इंसान, शिकायत, विभागीय जांच और प्राथमिक जांच की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, समंस और स्थायी वारंटों की तामीली, निगरानी बदमाशों और गुंडा बदमाशों की गतिविधियों की भी समीक्षा हुई। एसपी ने आदतन अपराधियों पर लगातार निगरानी रखने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

एसपी भावना पांडेय ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने थाना और चौकी स्तर पर शांति समिति, सड़क सुरक्षा समिति तथा महिला कमांडो की गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।

क्राइम मीटिंग में तकनीकी और डिजिटल पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा की गई। एसपी ने CCTNS, E-Sign FIR, E-Sign Challan, ई-साक्ष्य, E-FSL, e-Prosecution, Cri-MAC, DG/IG Dashboard सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर अपराधियों की पहचान, साक्ष्य संकलन और विवेचना को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा 10 मिनट, त्रिनयन, सक्षम, E-DAR/IRAD, ICJS, CEIR, ITSSO, JCTS और NETGRID जैसे तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग की जानकारी ली गई। एसपी ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित पुलिसिंग अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

बैठक में पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज रायपुर द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन की भी समीक्षा की गई। एसपी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों का समय सीमा में गंभीरता से पालन किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

एसपी ने थानों में लगे CCTV कैमरों के नियमित रखरखाव और रिकॉर्डिंग की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस वाहनों, वायरलेस सेट, कंप्यूटर और अन्य शासकीय संसाधनों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने को कहा, ताकि जरूरत के समय उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके।

पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने कहा कि प्रभावी पुलिसिंग का आधार त्वरित कार्रवाई, गुणवत्तापूर्ण जांच, आधुनिक तकनीक का उपयोग और आम जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम लोगों की शिकायतों का भी प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। क्राइम मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवचरण पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, डीएसपी भानू प्रताप चंद्राकर, एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

इसके अलावा साइबर थाना प्रभारी, अजाक थाना प्रभारी, कंट्रोल रूम प्रभारी, यातायात प्रभारी सहित पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक के अंत में एसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए आगामी समीक्षा बैठक में प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए।