कोरबा,02 अगस्त (वेदांत समाचार)। Coal India Limited (CIL) के राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता (NCWA-XI) की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक Joint Bipartite Committee for Coal Industry (JBCCI-XII) के गठन को लेकर न तो कोल इंडिया प्रबंधन और न ही कोयला मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक पहल की गई है। इससे देशभर के लगभग 2.8 लाख गैर-कार्यकारी (Non-Executive) कोयला कर्मचारियों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है।
जानकारों के अनुसार JBCCI-XII के गठन में सबसे बड़ी बाधा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में लंबित Pay Relativity विवाद को माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अदालत में विचाराधीन मामले और संभावित अवमानना (Contempt) की आशंका को देखते हुए कोल इंडिया प्रबंधन फिलहाल कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता।
हालांकि, श्रमिक संगठनों और श्रम कानून विशेषज्ञों का मत इससे अलग है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट में लंबित विवाद NCWA-XI की वेतन संरचना से संबंधित है, जबकि JBCCI-XII का गठन और NCWA-XII के लिए नई वेतन वार्ता शुरू करना एक अलग प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसलिए नई समिति के गठन पर किसी प्रकार की प्रत्यक्ष कानूनी रोक नहीं है।
NCWA-XI लागू होने के बाद Coal India के कुछ कार्यकारी (Executive) अधिकारियों ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में याचिका दायर कर दावा किया था कि संशोधित वेतन संरचना के कारण कुछ वरिष्ठ गैर-कार्यकारी कर्मचारियों का वेतन शुरुआती Executive ग्रेड से अधिक हो गया है, जो Department of Public Enterprises (DPE) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है।
वर्ष 2023 में हाईकोर्ट की एकलपीठ (Single Bench) ने NCWA-XI की स्वीकृति को निरस्त करते हुए मामले को पुनर्विचार के लिए भेज दिया था। इसके बाद Coal India ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की, जहां सिंगल बेंच के आदेश पर स्थगन (Stay) मिल गया। इसी कारण फिलहाल NCWA-XI के तहत वेतन भुगतान जारी है, जबकि मामले पर अंतिम निर्णय अभी लंबित है।
JBCCI-XII के गठन में हो रही देरी के विरोध में भारतीय मजदूर संघ (BMS), हिंद मजदूर सभा (HMS), इंटक (INTUC), सीटू (CITU) और एटक (AITUC) सहित प्रमुख केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने संयुक्त आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण की रणनीति तैयार की जा रही है।
JBCCI (Joint Bipartite Committee for Coal Industry) वह संयुक्त समिति है, जिसमें Coal India प्रबंधन और मान्यता प्राप्त केंद्रीय ट्रेड यूनियनें शामिल होती हैं। यही समिति National Coal Wage Agreement (NCWA) के तहत गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, सेवा शर्तों तथा अन्य सुविधाओं पर समझौता करती है। JBCCI-XI का गठन मई 2021 में हुआ था और लगभग दो वर्षों तक चली वार्ताओं के बाद 20 मई 2023 को NCWA-XI पर हस्ताक्षर किए गए थे।
श्रम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Industrial Relations Code, 2020 को पूर्ण रूप से लागू किया जाता है, तो Coal India में भविष्य की वेतन वार्ता, कर्मचारी प्रतिनिधित्व और सामूहिक सौदेबाजी (Collective Bargaining) की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव संभव हैं। हालांकि, केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय की ओर से JBCCI-XII के गठन को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट आधिकारिक स्थिति सामने नहीं आई है।
देशभर के करीब 2.8 लाख गैर-कार्यकारी कोयला कर्मचारियों की निगाहें अब कोयला मंत्रालय और Coal India प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि JBCCI-XII का गठन शीघ्र नहीं होता, तो न केवल अगले वेतन समझौते में विलंब होगा बल्कि औद्योगिक संबंधों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, यदि प्रबंधन कानूनी विवाद को नई समिति के गठन से अलग मानते हुए आगे बढ़ता है, तो NCWA-XII की वेतन वार्ता समय पर शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कोयला मंत्रालय जल्द निर्णय लेकर JBCCI-XII का गठन करेगा, या यह प्रक्रिया भी कानूनी और प्रशासनिक उलझनों में फंसकर रह जाएगी?

