- बेमेतरा में उपभोक्ताओं ने उठाए सवाल, 4 किलोवाट सोलर सिस्टम लगाने के बाद भी हजारों रुपये का आ रहा बिजली बिल
बेमेतरा, 02 अगस्त (वेदांत समाचार)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर योजना के तहत घरों में सोलर पैनल लगाकर बिजली खर्च कम करने और अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आय का लाभ देने का दावा किया गया था, लेकिन बेमेतरा जिले में कुछ उपभोक्ता इस योजना के उलट दोहरी आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। सोलर पैनल लगवाने के बाद भी उन्हें बिजली बिल के साथ-साथ बैंक की ऋण किस्त का भुगतान करना पड़ रहा है।
योजना के तहत उपभोक्ताओं को बताया गया था कि सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को विद्युत विभाग खरीदेगा और इसके बदले उपभोक्ताओं को भुगतान किया जाएगा। लेकिन कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि अतिरिक्त बिजली का भुगतान तो दूर, उन्हें लगातार बढ़ते हुए बिजली बिल का सामना करना पड़ रहा है।
नया बस स्टैंड निवासी प्रोफेसर राजकुमार त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने सितंबर 2025 में पीएम सूर्य घर योजना के तहत 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया था। इससे पहले वर्ष 2013 में उनके घर में 1 किलोवाट का सोलर सिस्टम पहले से लगा हुआ था। वर्तमान में उनके घर में कुल 4 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती छह महीने तक विभाग की ओर से कोई बिजली बिल नहीं आया, लेकिन इसके बाद पिछले तीन महीनों से लगातार अधिक राशि के बिल भेजे जा रहे हैं। पहले जहां उनका बिजली बिल करीब 713 रुपये आया था, वहीं जून महीने में यह बढ़कर लगभग 1800 रुपये और जुलाई में करीब 4100 रुपये तक पहुंच गया।
प्रोफेसर त्रिपाठी का कहना है कि सोलर पैनल लगाने का उद्देश्य बिजली खर्च कम करना था, लेकिन अब बैंक की किस्त के साथ बढ़ते बिजली बिल का भुगतान करना पड़ रहा है। इससे योजना का लाभ मिलने के बजाय आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
सोलर उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग में शिकायत करने के बाद भी उन्हें समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं मिल रहा है। कई उपभोक्ता लगातार कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें बिल बढ़ने का स्पष्ट कारण नहीं बताया जा रहा है।
कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की है कि सोलर पैनल की प्लेटों को बंदरों से नुकसान पहुंचने के बाद कंपनी को सूचना दी गई, लेकिन मरम्मत के लिए कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य आम लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है, लेकिन तकनीकी खामियों और शिकायतों के समाधान में देरी के कारण उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
इस मामले में अधीक्षण यंत्री दुर्ग तरुण ठाकुर ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर जल्द ही उपभोक्ताओं तक पहुंचकर उनकी समस्या का निराकरण किया जाएगा।

