रायपुर, 01 अगस्त (वेदांत समाचार)। जनसुरक्षा, यातायात जागरूकता और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से रायपुर कमिश्नरेट पुलिस के पश्चिम जोन द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और बस्तियों में पहुंचकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों से संवाद किया तथा यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशामुक्ति और पुलिस सहायता सेवाओं के संबंध में जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) रॉबिन्सन गुरिया के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा तथा सहायक पुलिस आयुक्तों के मार्गदर्शन में पश्चिम जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में यह अभियान संचालित किया गया। इस दौरान आमानाका, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, न्यू राजेंद्र नगर, मुजगहन और टिकरापारा थाना पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों ने स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी। नाबालिग वाहन चालकों और उनके अभिभावकों से मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर समझाइश दी गई कि बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। पुलिस ने कहा कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानून का उल्लंघन होने के साथ ही उनके जीवन और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, यातायात संकेतों का पालन, साइबर ठगी से बचने के उपाय, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशे के दुष्परिणाम और आपातकालीन पुलिस सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
रायपुर पुलिस के “संवाद से समाधान” अभियान के तहत भी विभिन्न क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। थाना आमानाका क्षेत्र के बीएसयूपी कॉलोनी और आमानाका बस्ती सहित सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के समता कॉलोनी फेस-2 और कोटा स्थित नॉलेज जैन लाइब्रेरी में पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया।

इस दौरान लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनी गईं तथा उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
जनसंवाद कार्यक्रमों में नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। साथ ही पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और अन्य सहायता सेवाओं के बारे में नागरिकों को जागरूक किया गया।
इसके अलावा रायपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1905 का भी प्रचार किया। पुलिस ने बताया कि यह हेल्पलाइन राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध प्रवासियों या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त करने के लिए शुरू की गई है।
पुलिस के अनुसार, यदि किसी नागरिक को अपने क्षेत्र में किसी संदिग्ध अवैध प्रवासी, घुसपैठिए या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो वह टोल-फ्री नंबर पर सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस नियमानुसार जांच और कार्रवाई करेगी।

