जांजगीर-चांपा, 26 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर चल रही पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खिसोरा में दो सगे भाइयों ने अपने बड़े भाई के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ित के हाथ-पैर बांधकर उसे अपने घर में बंधक बना लिया। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित को मुक्त कराया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी संतोष कुमार कश्यप (65 वर्ष), निवासी ग्राम खिसोरा ने नवागढ़ थाना में शिकायत दर्ज कराई कि उनके चार भाइयों के बीच 17 मई 2024 को पैतृक जमीन का बंटवारा हो चुका था। हालांकि उनके छोटे भाई संतुराम कश्यप (53 वर्ष) और छोटेलाल कश्यप (45 वर्ष) इस बंटवारे को स्वीकार नहीं कर रहे थे और इसी बात को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था।
शिकायत के अनुसार, 24 जुलाई 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे संतोष कुमार कश्यप अपने दामाद के साथ मोटरसाइकिल से शिवरीनारायण जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
आरोप है कि छोटेलाल कश्यप ने लकड़ी के डंडे से संतोष कुमार के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर से खून बहने लगा। वहीं संतुराम कश्यप ने उनका कॉलर पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और गला दबाते हुए मुक्कों एवं लातों से मारपीट की। किसी तरह जान बचाकर भागने की कोशिश करने पर दोनों आरोपियों ने उन्हें दोबारा पकड़ लिया और अपने घर ले जाकर साड़ी के कपड़े से हाथ-पैर बांध दिए।
घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पीड़ित को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया। इसके बाद घायल को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रार्थी की शिकायत के आधार पर थाना नवागढ़ में अपराध क्रमांक 225/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 एवं 127(2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा बरामद कर लिया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों संतुराम कश्यप और छोटेलाल कश्यप को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नवागढ़ निरीक्षक मणिकांत पांडे एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की।

