कोरबा, 26 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के संभागीय प्रतिनिधियों के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस चुनाव के तहत प्रदेश के प्रत्येक संभाग से एक-एक प्रतिनिधि का चयन किया जाएगा। निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र वातावरण में संपन्न कराने की मांग आयुष मेडिकल एसोसिएशन (आयुष्मा), कोरबा ने की है।
आयुष मेडिकल एसोसिएशन (आयुष्मा), कोरबा के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 29 जुलाई 2026 से पंजीकृत आयुष चिकित्सकों के पते पर पंजीकृत डाक के माध्यम से पोस्टल बैलेट (मतपत्र) भेजे जाएंगे। सभी पंजीकृत चिकित्सकों को निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित प्रपत्र में मतदान करना होगा।
उन्होंने बताया कि मतपत्र भरने के बाद आवश्यक घोषणा-पत्र संलग्न कर वापसी मतदान लिफाफा (बी) के माध्यम से निर्वाचन अधिकारी को भेजना होगा। सभी मतपत्र 17 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में प्राप्त होना अनिवार्य है। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त मतपत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने कहा कि यह चुनाव प्रदेश के आयुष चिकित्सकों के लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निजी एवं शासकीय दोनों क्षेत्रों में कार्यरत सभी पंजीकृत आयुष चिकित्सक बिना किसी दबाव, बाहरी प्रभाव या अनुचित हस्तक्षेप के स्वतंत्र और निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
उन्होंने निर्वाचन अधिकारी एवं राज्य शासन से आग्रह किया कि चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर के सिद्धांतों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इससे सभी मतदाता अपने विवेक के आधार पर स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकेंगे और निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहेगी।
डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने प्रदेशभर के आयुष चिकित्सकों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें तथा योग्य, ईमानदार, कर्मठ और आयुष हितों के प्रति समर्पित प्रतिनिधि का चयन करें। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन ही परिषद की गरिमा, विश्वसनीयता और आयुष चिकित्सकों के विश्वास को और अधिक मजबूत करेगा।

