नई दिल्ली। केंद्र सरकार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया। इसके साथ ही केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके वर्तमान मंत्रालयों के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा स्वीकार किया। साथ ही प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त दायित्व सौंपने का निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने तक वह दोनों मंत्रालयों का कार्यभार संभालेंगे।
शिक्षा मंत्रालय में बदलाव के बीच कई अहम चुनौतियां
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी के सामने देश की परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान बड़ी चुनौती माना जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही, पेपर लीक की घटनाओं की रोकथाम तथा छात्रों का विश्वास मजबूत करना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
NEET-UG विवाद बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय
हाल के महीनों में NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया। विभिन्न छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कई स्थानों पर प्रदर्शन किए। विपक्षी दलों ने भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
सोनम वांगचुक के आंदोलन से बढ़ी चर्चा
28 जून 2026 को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन से जुड़े। उन्होंने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। बाद में सरकार के साथ बातचीत और मांगों पर सकारात्मक पहल के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
संसद मार्च के दौरान हुआ प्रदर्शन
20 जुलाई को छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी। इसके बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई।
आधिकारिक घोषणा के बाद नई जिम्मेदारी
25 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने और प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने की जानकारी दी गई। केंद्र सरकार के इस फैसले को शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

