जांजगीर-चांपा में किरायेदार की जानकारी छिपाना पड़ा महंगा, मकान मालिक पर FIR दर्ज; BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई - vedantsamachar.in

जांजगीर-चांपा में किरायेदार की जानकारी छिपाना पड़ा महंगा, मकान मालिक पर FIR दर्ज; BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई

जांजगीर-चांपा, 24 जुलाई (वेदांत समाचार)। जांजगीर-चांपा जिले में किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बम्हनीडीह थाना क्षेत्र के ग्राम अमोदी में रहने वाले एक मकान मालिक ने दूसरे राज्य के चार लोगों को बिना किरायानामा तैयार किए और पुलिस को सूचना दिए अपने मकान में किराये पर रखा था। मामला सामने आने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में लगातार किरायेदार एवं बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस टीम विभिन्न क्षेत्रों में जाकर किरायेदारों का सत्यापन कर रही है। साथ ही सोशल मीडिया, जनजागरूकता अभियान और अन्य माध्यमों से भी मकान मालिकों से लगातार अपील की जा रही है कि वे अपने यहां रहने वाले प्रत्येक किरायेदार की जानकारी संबंधित थाना या चौकी में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।

पुलिस के अनुसार, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी जांजगीर-चांपा द्वारा भी पूर्व में आदेश जारी कर स्पष्ट किया गया था कि किरायेदारों की जानकारी संबंधित थाना में उपलब्ध नहीं कराने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद ग्राम अमोदी निवासी अशोक साहू ने आदेशों की अनदेखी करते हुए दूसरे राज्य के चार व्यक्तियों को बिना किसी किरायानामा और पुलिस को सूचना दिए अपने मकान में रहने की अनुमति दे दी।

किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान थाना प्रभारी बम्हनीडीह दिलीप सिंह की टीम को इसकी जानकारी मिली। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस ने अशोक साहू के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस ने जिले के सभी मकान मालिकों से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले प्रत्येक किरायेदार, मजदूर या बाहरी व्यक्ति की जानकारी तत्काल संबंधित थाना या चौकी में दर्ज कराएं। ऐसा नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किरायेदार सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना तथा आपराधिक घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करना है। इसलिए सभी नागरिकों से पुलिस प्रशासन का सहयोग करने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है।