उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में बारिश शुरू होते ही सांप निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ गई हैं । स्नेक रेस्क्यू टीम के अनुसार रोज़ाना हर रेस्क्यूर को 4 से 5 कॉल मिल रही हैं । हाल ही में कानीपुरा रोड स्थित गिरिराज रतन कॉलोनी के एक घर में बच्चों की टॉय कार के अंदर छिपा बेहद जहरीला रसल वाइपर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। उज्जैन में मानसून की शुरुआत के साथ ही रिहायशी इलाकों में सांप निकलने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं । शहर की स्नेक रेस्क्यू टीम के सदस्य गिरिराज ने बताया कि वर्तमान में रोज़ाना 4 से 5 स्नेक रेस्क्यू कॉल मिल रही हैं। उज्जैन में करीब 8 से 10 स्नेक रेस्क्यूर टीम सक्रिय हैं, जो अपने निजी काम के साथ शौक और सामाजिक सेवा के रूप में यह कार्य करते हैं।
हाल ही में कानीपुरा रोड स्थित गिरिराज रतन कॉलोनी के एक मकान से सूचना मिली कि घर के अंदर सांप दिखाई दिया है । टीम करीब 20 मिनट में मौके पर पहुंची । जांच करने पर बच्चों की टॉय कार के अंदर कपड़ों के नीचे छिपा हुआ रसल वाइपर मिला, जिसे सुरक्षित रेस्क्यू कर आबादी से दूर प्राकृतिक स्थान पर छोड़ दिया गया। स्नेक रेस्कयू टीम के राहुल मौखरिवाले के अनुसार बारिश के मौसम में नई कॉलोनियों और निर्माणाधीन क्षेत्रों में सांप अधिक निकलते हैं। नानाखेड़ा, मुल्लापुरा, नागझिरी, आगर रोड, इंदौर रोड और शहर की सीमा से लगी नई कालोनियों से सबसे ज्यादा कॉल आती हैं। वहीं शहर के अंदर वाटर स्नेक और अन्य सामान्य प्रजातियां नालों व जल निकासी मार्गों के जरिए रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच जाती हैं।
टीम सर्प मित्र महाकाल नगरी के राहुल मौखरीवाले नें बताया कि उज्जैन के आसपास नदियां, जल स्रोत और हरियाली अधिक होने के कारण सांपों का प्राकृतिक आवास भी बड़ी संख्या में मौजूद है। इसके अलावा तेजी से हो रहे निर्माण कार्य, सड़क विस्तार और पेड़ों की कटाई के कारण सांपों का बसेरा प्रभावित हो रहा है, जिससे वे रिहायशी इलाकों की ओर आ रहे हैं। रेस्क्यू टीम ने बताया कि रसल वाइपर देश के सबसे खतरनाक जहरीले सांपों में शामिल है। इसके अलावा कोबरा, कॉमन करैत और सॉ-स्केल्ड वाइपर भी अत्यंत विषैले होते हैं। ऐसे सांप दिखाई देने पर उन्हें पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से उनका रेस्क्यू किया जा सके।

