रायपुर, 15 जुलाई (वेदांत समाचार)। पदभार ग्रहण करते ही रायपुर की पुलिस उपायुक्त (यातायात) डॉ. अर्चना झा ने सड़क सुरक्षा और स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले के करीब 70 स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक ली। बैठक में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक, स्कूल बसों की सुरक्षा और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत पालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) विवेक शुक्ला, सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) गुरजीत सिंह, सुरेंद्र साय, सीमा अहिरवार सहित विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य मौजूद रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने कहा कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना न केवल उनके लिए बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने सभी प्राचार्यों से स्कूलों में विद्यार्थियों को नियमित रूप से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और दुर्घटनाओं से जुड़े जागरूकता वीडियो दिखाने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूल में आयोजित होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) के दौरान अभिभावकों को स्पष्ट रूप से समझाया जाए कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत यदि कोई अभिभावक या वाहन स्वामी नाबालिग को वाहन चलाने देता है, तो उसके खिलाफ 25 हजार रुपये तक का जुर्माना, छह माह तक की सजा और अन्य वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान है।
बैठक में स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। डीसीपी ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूल बस संचालन के लिए जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रत्येक स्कूल बस का हर महीने कम से कम एक बार अनिवार्य मैकेनिकल निरीक्षण कराया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बस चालकों और परिचालकों का नियमित नेत्र परीक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, ताकि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या तकनीकी खराबी का समय रहते पता लगाया जा सके और विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
डॉ. अर्चना झा ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा पुलिस, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की साझा जिम्मेदारी है। सभी पक्षों के समन्वित प्रयासों से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और बच्चों के लिए सुरक्षित यातायात वातावरण तैयार किया जा सकता है।
बैठक के अंत में सहायक पुलिस आयुक्त सीमा अहिरवार ने उपस्थित प्राचार्यों का आभार व्यक्त किया और डीसीपी द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। सभी स्कूल प्राचार्यों ने विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन पर प्रभावी रोक लगाने तथा स्कूल बसों में निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
पुलिस का मानना है कि इस पहल से रायपुर में स्कूली बच्चों की सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

