कोल इंडिया के ठेका श्रमिकों को राहत: 6 महीने के लिए बढ़ी मजदूरी, नई दरें 1 अप्रैल से लागू

देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी Coal India Limited ने अपने खनन कार्यों में लगे ठेका श्रमिकों के वेतन में वृद्धि का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी द्वारा जारी आदेश के अनुसार संशोधित मजदूरी दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होकर 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगी। यह बढ़ोतरी परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) में वृद्धि के आधार पर की गई है, जिससे हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

इस संबंध में Ministry of Labour and Employment के अधीन मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) द्वारा 30 मार्च 2026 को जारी सूचना में बताया गया था कि औद्योगिक श्रमिकों के लिए औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 31 दिसंबर 2025 के 413.52 से बढ़कर 424.80 हो गया है। इसी वृद्धि के आधार पर संयुक्त समिति (JBCCI) की 9 अगस्त 2023 की अनुशंसा के तहत ठेका श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में संशोधन किया गया है।

नई दरों के अनुसार अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 1320 रुपए निर्धारित की गई है, जिसमें 1176 रुपए मूल वेतन और 144 रुपए VDA शामिल है। अर्ध-कुशल एवं पर्यवेक्षी श्रेणी के श्रमिकों को अब 1354 रुपए प्रतिदिन मिलेंगे, जिसमें 1206 रुपए मूल वेतन और 148 रुपए VDA है। वहीं कुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 1387 रुपए तय की गई है, जिसमें 1236 रुपए मूल वेतन और 151 रुपए VDA शामिल है। अत्यधिक कुशल श्रमिकों के लिए यह राशि बढ़ाकर 1421 रुपए कर दी गई है, जिसमें 1266 रुपए मूल वेतन और 155 रुपए VDA शामिल है।

कंपनी के एमएंडआईआर डिवीजन द्वारा यह कार्यालय आदेश 7 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है, जिस पर कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) गौतम बनर्जी के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतियां कंपनी की सभी अनुषंगी इकाइयों—ईसीएल, बीसीसीएल, सीसीएल, डब्ल्यूसीएल, एसईसीएल, एनसीएल, एमसीएल और सीएमपीडीआई—को भेजी गई हैं, ताकि इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जा सके।

इस निर्णय से कोल इंडिया की विभिन्न खदानों में कार्यरत हजारों ठेका श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलेगी। यूनियन नेताओं ने कंपनी के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि समय पर वेतन संशोधन से न केवल श्रमिकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि औद्योगिक शांति और कार्यस्थल पर स्थिरता भी बनी रहेगी।