रायपुर, 10 जुलाई (वेदांत समाचार)। रायपुर पुलिस ने खुद को भारत सरकार का अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और पोस्टिंग दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी पहचान-पत्र, एडिटेड फोटो और प्रभावशाली संपर्कों का झांसा देकर लोगों का विश्वास जीतता था। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकदी और घटना में प्रयुक्त कार जब्त की है।
मामले में थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 376/2026 के तहत धारा 318(2), 319(2), 336(3) एवं 340 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार प्रार्थी गुरु नारायण ने शिकायत दर्ज कराई थी कि लगभग दो वर्ष पहले ट्रेन यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात रजनीश कुमार राय से हुई थी। आरोपी ने खुद को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताते हुए परिचय बढ़ाया। उसने दावा किया कि उसकी केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में ऊंची पहुंच है और वह पैसे लेकर सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और मनचाही पोस्टिंग करा सकता है।
आरोपी ने प्रार्थी को पांच लाख रुपये लेकर मनचाही पदस्थापना कराने का लालच दिया। इस दौरान उसने अलग-अलग विभागों के फर्जी पहचान-पत्र और एडिटेड तस्वीरें दिखाकर अपना प्रभाव साबित करने की कोशिश की। बाद में पहचान-पत्रों पर संदेह होने पर प्रार्थी ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर/मध्य जोन) स्मृतिक राजनाला के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना सिविल लाइन और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह खुद को भारत सरकार का सहायक आयुक्त बताकर फर्जी पहचान-पत्रों का इस्तेमाल करता था। वह एडिटेड तस्वीरों के जरिए लोगों को यह विश्वास दिलाता था कि उसकी केंद्र सरकार के बड़े अधिकारियों और मंत्रालयों में सीधी पहुंच है। इसके बाद वह सरकारी नौकरी, ट्रांसफर, पोस्टिंग और अन्य शासकीय कार्य कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपनी कार पर “भारत सरकार” भी लिखवा रखा था, जिससे लोगों को उस पर आसानी से विश्वास हो जाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी को महंगी शॉपिंग और लग्जरी जीवनशैली का शौक था। ठगी से हासिल रकम से उसने लैपटॉप, मोबाइल और अन्य महंगे सामान खरीदे थे।
पूछताछ में आरोपी ने छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेने की बात भी स्वीकार की है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कितने लोगों को अब तक अपना शिकार बनाया गया है।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने फर्जी पहचान-पत्र, विभिन्न दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप, तीन सिम कार्ड, फर्जी सिम, क्रेडिट कार्ड से जुड़े दस्तावेज, नकद राशि तथा घटना में प्रयुक्त कार जब्त की है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय (29 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से राजपुर नौरंग रायकेडेरा, थाना सिमरी, जिला बक्सर (बिहार) का निवासी है और वर्तमान में मारुति सेवन वंडर सिटी, मकान नंबर 285/286, अमलेश्वर, जिला दुर्ग में रह रहा था।
रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी, ट्रांसफर या पोस्टिंग दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पैसों की मांग करता है तो उसकी पहचान संबंधित विभाग से सत्यापित करने के बाद ही कोई कदम उठाएं। पुलिस ने कहा कि इस मामले में जांच जारी है और आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

