लखन गोस्वामी/कोरबा, 09 जुलाई (वेदांत समाचार)। ग्राम पंचायत जुनवानी के सचिव की कथित कार्यशैली को लेकर जिला सरपंच संघ का आक्रोश खुलकर सामने आया है। संघ के पदाधिकारियों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को ज्ञापन सौंपकर सचिव पर मनमानी, शासकीय कार्यों में लापरवाही और पंचायत के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सरपंचों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित सचिव के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।
जिला सरपंच संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत जुनवानी में सचिव की कार्यशैली के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही है। सरपंचों का आरोप है कि सचिव की कार्यप्रणाली के चलते जनप्रतिनिधियों को भी अपने दायित्वों के निर्वहन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रशासन में समन्वय की कमी और सचिव की कथित मनमानी के कारण कई विकास कार्य अटके हुए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी असर पड़ रहा है। सरपंचों ने कहा कि यदि समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो पंचायत व्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
जिला सरपंच संघ ने जिला पंचायत CEO से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायतों का सुचारु संचालन और विकास कार्यों की गति बनाए रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
ज्ञापन पर जिला सरपंच संघ के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। संघ ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो जिलेभर के सरपंच आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

