जांजगीर-चांपा, 6 जुलाई (वेदांत समाचार)। सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने और विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस लगातार जनजागरूकता अभियान चला रही है। इसी कड़ी में थाना बिर्रा क्षेत्र के ग्राम करही स्थित हाई स्कूल में साइबर सुरक्षा एवं नए आपराधिक कानूनों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं सरस्वती शिशु मंदिर, बिर्रा में विद्यार्थियों को खेल सामग्री वितरित कर शिक्षा के साथ खेल भावना को भी बढ़ावा दिया गया।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में डीएसपी अजाक सतरूपा तारम ने छात्र-छात्राओं को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने नए कानूनों के उद्देश्य, उनकी उपयोगिता और आम नागरिकों पर पड़ने वाले प्रभाव को सरल भाषा में समझाया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपाय भी बताए गए। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, सोशल मीडिया फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और OTP साझा करने के खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते का विवरण, पासवर्ड या OTP साझा न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।

डीएसपी सतरूपा तारम ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। बच्चों और युवाओं को कानूनी जानकारी तथा डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करे, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जागरूकता कार्यक्रम के बाद पुलिस अधिकारियों ने सरस्वती शिशु मंदिर, बिर्रा के विद्यार्थियों को खेल सामग्री वितरित की। इस पहल से बच्चों में खेलों के प्रति उत्साह देखने को मिला। शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को कानून, साइबर सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ पुलिस और समाज के बीच विश्वास को भी मजबूत करते हैं।
जांजगीर-चांपा पुलिस का यह अभियान जिले में सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा देने के साथ-साथ बच्चों और युवाओं को सुरक्षित डिजिटल भविष्य की ओर प्रेरित करने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

