डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रनिष्ठा, त्याग और संकल्प का प्रेरक उदाहरण : वित्त मंत्री ओपी चौधरी - vedantsamachar.in

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रनिष्ठा, त्याग और संकल्प का प्रेरक उदाहरण : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

रायपुर, 6 जुलाई 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रनिष्ठा, त्याग, शिक्षा, सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा और अदम्य साहस का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान दिया और भारतीय लोकतंत्र तथा राष्ट्रीय एकता को नई दिशा प्रदान की। उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में आयोजित व्याख्यान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भारत माता एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रनिर्माण में डॉ. मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के राष्ट्र के प्रति योगदान का भी उल्लेख किया।

अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता केवल उसकी प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच उसे सफलता तक पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही बनता है। इसलिए युवाओं को अपने जीवन का लक्ष्य स्पष्ट रखना चाहिए और हर निर्णय लेने से पहले उसके परिणामों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि असफलता मिलने पर दूसरों को दोष देने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए और अपनी कमियों को दूर करते हुए लगातार सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं पर गर्व करने का भी आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित युवा संवाद में विद्यार्थियों ने प्रशासनिक सेवा, प्रतियोगी परीक्षाओं, महिला सशक्तिकरण, व्यक्तित्व विकास और स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विस्तार से उत्तर दिया।

प्रशासनिक सेवा में करियर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा करने का प्रभावी अवसर है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सफलता पाने के लिए मजबूत संकल्प, अनुशासित अध्ययन और लगातार मेहनत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी के लिए विशेष योजना के तहत दिल्ली भेज रही है, ताकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर अवसर मिल सके।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर उन्होंने कहा कि सफलता का पहला सूत्र स्पष्ट लक्ष्य तय करना है। इसके साथ समय का सही उपयोग, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन, आत्मअनुशासन और निरंतर अभ्यास ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां भी उस व्यक्ति का रास्ता नहीं रोक सकतीं, जिसके भीतर मजबूत संकल्प और आगे बढ़ने की इच्छा हो।

महिला सशक्तिकरण पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बेटियों की शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की बेटियों को आत्मविश्वास के साथ उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करना चाहिए और हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनानी चाहिए।

स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्नों पर उन्होंने युवाओं को नियमित दिनचर्या अपनाने, संतुलित आहार लेने, पर्याप्त नींद लेने और प्रतिदिन व्यायाम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन किसी भी बड़ी सफलता की पहली शर्त हैं। यदि व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेगा तो वह अपने लक्ष्य को अधिक प्रभावी ढंग से हासिल कर सकेगा।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनय चौहान, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, नगर निगम सभापति श्री डिग्री लाल साहू, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के उत्कृष्ट स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों का शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।