बलरामपुर, 04 जुलाई (वेदांत समाचार)। जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक के हरिगवां गांव की महिला सरपंच मनबसिया ने आरोप लगाया है कि सार्वजनिक मंच पर उपसरपंच और भाजपा नेता मंशाराम साहू द्वारा माला पहनाने के बाद खैरबार समाज ने उनके पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। महिला सरपंच का दावा है कि घटना करीब एक साल पुरानी है। तब से उन्हें और उनके पति देवेंद्र खैरबार को समाज के किसी भी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जा रहा है। देवेंद्र खैरबार ने कहा कि समाज में मान्यता है कि जयमाला केवल पति ही पहनाता है। सार्वजनिक मंच पर गैर व्यक्ति द्वारा माला पहनाना अनुचित माना गया, जबकि महिला सरपंच का इसमें कोई दोष नहीं था।
मनबसिया के अनुसार समाज में वापसी के लिए सामाजिक दंड का प्रविधान है। इसमें बकरा-भात खिलाने की शर्त भी रखी जाती है। इसके अलावा कुछ अन्य शर्तें भी पूरी करना पड़ता है। सरपंच का कहना है कि इस बहिष्कार के कारण परिवार मानसिक तनाव में है। महिला सरपंच ने भाजपा नेता मंशाराम साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके द्वारा पंचायत के विकास कार्यों में लगातार बाधा डाली जा रही है। मुरमीकरण, नाली निर्माण और अन्य योजनाओं के काम रुकवा दिए गए हैं। फाइल आगे नहीं बढ़ने दी जा रही। आरोप है कि काम शुरू कराने के नाम पर उन्हें परेशान कर पैसों की डिमांड की जा रही है। विरोध करने पर धमकाया जा रहा है।
इससे पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं और ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। महिला सरपंच ने बताया कि उन्होंने इसकी लिखित शिकायत रघुनाथनगर थाने में की है। शिकायत की प्रति बलरामपुर एसपी और सरगुजा आइजी को भी भेजी गई है। थाना प्रभारी धीरेंद्र तिवारी ने बताया कि दोनों पक्ष की शिकायत मिली है। शिकायत की जांच की जा रही है। वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नन्देहा ने कहा कि मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। एसडीओपी से चर्चा हुई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से समाज के लोगों को समझाइश दी जाएगी।उन्होंने कहा कि किसी को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करना अनुचित है।

