कोरबा, 29 जून (वेदांत समाचार)। जिले के बरपाली विद्युत वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले तुमान फीडर क्षेत्र में पिछले 17 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों ने पूरी रात जागकर बिताई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद न तो बिजली विभाग के अधिकारियों ने फोन उठाया और न ही समय पर समस्या का समाधान किया गया।
जानकारी के अनुसार, 28 जून की शाम लगभग 4 बजे से तुमान फीडर में बिजली आपूर्ति बाधित है। विद्युत विभाग की ओर से ग्रामीणों को 11 केवी लाइन में ब्रेकडाउन और फॉल्ट होने की जानकारी दी गई, लेकिन देर रात तक सुधार कार्य शुरू नहीं हो सका। इससे सलिहाभांठा, बंधवाभांठा, डोंगरीभांठा, पकरिया, सराईडीह सहित आधा दर्जन से अधिक गांव अंधेरे में डूबे रहे।
सबसे अधिक परेशानी पूर्व सांसद स्वर्गीय डॉ. बंशीलाल महतो के गृह ग्राम पंचायत सलिहाभांठा और पूर्व विधायक ननकीराम कंवर के गृह क्षेत्र के ग्रामीणों को उठानी पड़ी। बिजली नहीं होने से लोग पूरी रात गर्मी और उमस में जागते रहे, जबकि सुबह होते ही पेयजल संकट भी गहरा गया।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली बंद होने से निजी बोरवेल, पानी की मोटर और अन्य विद्युत उपकरण पूरी तरह बंद पड़े हैं। गांव की नल-जल योजना भी अधूरी होने के कारण अधिकांश लोग निजी बोर और हैंडपंप पर निर्भर हैं। बिजली नहीं रहने से पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई। वहीं मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो गए और जिन घरों में इनवर्टर थे, उनकी बैटरी भी रात करीब एक बजे जवाब दे गई।

ग्राम के जागरूक नागरिक शैलेन्द्र जायसवाल ने रात करीब 11:30 बजे विद्युत विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन इसके बावजूद बिजली बहाल नहीं हो सकी। सोमवार सुबह युवा ग्रामीण भुवनेश्वर महतो ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी शिकायत दर्ज कराते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली और ग्रामीणों की परेशानियों से अवगत कराया। हालांकि शिकायत पर समाधान की अवधि 7 से 15 दिन बताए जाने से ग्रामीणों में और अधिक नाराजगी देखी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि तुमान फीडर में आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। कभी ब्रेकडाउन, कभी 11 केवी लाइन में फॉल्ट, तो कभी 33 केवी लाइन में पेड़ गिरने या केबल क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याएं लगातार सामने आती रहती हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि रात में बिजली जाने के बाद कई घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं होती और जिम्मेदार अधिकारी फोन तक रिसीव नहीं करते।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर भी लोगों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन आम जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की जा रही।
लगातार बिजली संकट से ग्रामीणों में विभाग और प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी समाधान किया जाए।

