बिलासपुर में 'सशक्त ऐप' से वाहन चोरों पर पुलिस का शिकंजा, सरकंडा पुलिस ने दो शातिर चोरों को दबोचा, 5 चोरी के वाहन बरामद - vedantsamachar.in

बिलासपुर में ‘सशक्त ऐप’ से वाहन चोरों पर पुलिस का शिकंजा, सरकंडा पुलिस ने दो शातिर चोरों को दबोचा, 5 चोरी के वाहन बरामद

बिलासपुर, 28 जून (वेदांत समाचार)। बिलासपुर पुलिस की डिजिटल पुलिसिंग पहल ‘सशक्त (Sashakt) मोबाइल एप’ एक बार फिर अपराधियों पर भारी पड़ी है। सरकंडा थाना पुलिस ने इस अत्याधुनिक ऐप की मदद से दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से चोरी की 5 दोपहिया गाड़ियां बरामद की हैं। आरोपियों ने पूछताछ में वर्ष 2025 और 2026 के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों से कई वाहन चोरी करने की बात स्वीकार की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

मामले की शुरुआत 14 जून 2026 को हुई, जब मोपका स्थित विवेकानंद नगर निवासी कमलेश चंद्राकर ने थाना सरकंडा में अपनी एक्टिवा स्कूटी (CG 10 BN 1325) चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 13 जून की रात करीब 11:30 बजे वह अपने मित्र के घर के बाहर स्कूटी लॉक कर अंदर गए थे। करीब 20 मिनट बाद लौटने पर स्कूटी गायब मिली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य एवं मोपका चौकी प्रभारी ओमप्रकाश कुर्रे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच तेज की।

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सुजल दर्वे उर्फ रिंकू के पास चोरी की एक एक्टिवा स्कूटी है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। उनके कब्जे में मिली एक्टिवा को सशक्त ऐप में चेक किया गया, जहां वह चोरी की गाड़ी निकली। इसके बाद दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने कई वाहन चोरियों का खुलासा कर दिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेन्द्र भुनेश्वर (22 वर्ष) निवासी खाल्हेपारा, मोपका तथा सुजल दर्वे उर्फ रिंकू (24 वर्ष) निवासी खाल्हेपारा, मोपका के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जुलाई 2025 में उन्होंने विवेकानंद कॉलोनी से ब्राउन रंग की एक्टिवा (CG 10 AF 5290) चोरी कर 10 हजार रुपये में बेच दी थी। अक्टूबर 2025 में उसी इलाके से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (CG 10 P 0129) चोरी की। फरवरी 2026 में गोड़पारा स्थित साईं मंदिर के पास से ग्रे रंग की एक्टिवा (CG 10 AJ 6340) चोरी कर मात्र 5 हजार रुपये में बेच दी। वहीं जून 2026 में ठाकुर देव मंदिर, मोपका के पास से यामाहा मोटरसाइकिल (CG 10 JL 0783) चोरी कर केवल 2 हजार रुपये में बेचने की बात भी स्वीकार की।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शिकायतकर्ता की एक्टिवा सहित कुल 5 चोरी के वाहन बरामद कर जब्त कर लिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी चोरी की गाड़ियों को बेहद कम कीमत पर बेचकर ऐशो-आराम और अपने शौक पूरे करते थे। पुलिस अब चोरी के वाहन खरीदने वाले लोगों की भी पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चोरी का सामान खरीदने वाले भी कानून की नजर में उतने ही बड़े अपराधी हैं जितने चोरी करने वाले। बिना दस्तावेज और बेहद कम कीमत पर वाहन खरीदने वालों के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के साथ-साथ चोरी का माल खरीदने वालों को भी किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

बिलासपुर पुलिस के अनुसार, ‘सशक्त ऐप’ डिजिटल पुलिसिंग का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। इस एप के जरिए संदिग्ध और लावारिस वाहनों का रिकॉर्ड तुरंत जांचा जा सकता है, वहीं आम नागरिकों से मिलने वाली गोपनीय सूचनाओं पर भी पुलिस तेजी से कार्रवाई कर रही है। यही तकनीक इस पूरे मामले के खुलासे में निर्णायक साबित हुई।