उज्जैन,25 जून। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की की तस्वीर का कथित रूप से गलत इस्तेमाल कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। आरोपियों ने लड़की की पासपोर्ट साइज फोटो हासिल कर उसे एडिट किया और आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद पंवासा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
पुलिस के अनुसार, 21 जून को पीड़िता के पिता ने थाना पंवासा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी नाबालिग बेटी की तस्वीर का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर अशोभनीय सामग्री प्रसारित की जा रही है। वायरल फोटो और वीडियो में दिखाई देने वाले युवक और युवती का उनकी बेटी या परिवार से कोई संबंध नहीं था, लेकिन लड़की की तस्वीर जोड़कर उसे बदनाम करने का प्रयास किया गया। परिजनों का आरोप है कि इस हरकत से न केवल उनकी बेटी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, बल्कि पूरे परिवार को सामाजिक और मानसिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ा। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि मतदाता संबंधी एक सरकारी दस्तावेज में लगी नाबालिग की फोटो कथित रूप से बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से एहसान पटेल को भेजी गई थी। इसके बाद यह फोटो कई लोगों के बीच साझा होती रही और अंततः गलत हाथों में पहुंच गई। पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आपस में फोटो साझा की और बाद में एक अन्य युवती की तस्वीर के साथ एडिट कर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो तैयार किए गए। इसके बाद इन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित कर दिया गया, जिससे नाबालिग और उसके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया।
जांच के दौरान उपयोग किए गए चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सामग्री किसने तैयार की, किन-किन लोगों तक पहुंचाई गई और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आबिद पटेल, मुजफ्फर पटेल और एहसान पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मामले में नामजद एक अन्य आरोपी यूसुफ पटेल फिलहाल फरार बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि नाबालिग की पहचान और सम्मान की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि मामले में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति की तस्वीर या निजी जानकारी को बिना अनुमति साझा न करें। सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल न केवल अपराध की श्रेणी में आता है, बल्कि इससे किसी व्यक्ति के सम्मान और भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

