कोरबा, 24 जून (वेदांत समाचार)। जिले के अशासकीय विद्यालयों के संचालक एवं शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 25 जून को कलेक्टोरेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन करेंगे। अशासकीय विद्यालय संघ ने राज्य शासन पर निजी विद्यालयों के साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा है कि समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अशासकीय विद्यालय संघ, दीपका ब्लॉक के अध्यक्ष भौनेंद्र डहरवाल ने बताया कि निजी विद्यालयों को पुस्तकों के लिए कई बार बिलासपुर बुलाया जाता है, लेकिन वहां पहुंचने के बाद भी पुस्तकें नहीं मिल पातीं और स्कूल प्रतिनिधियों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। इससे विद्यालय प्रबंधन को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संघ के आह्वान पर जिले के विभिन्न अशासकीय विद्यालयों के संचालक, प्राचार्य एवं शिक्षक 25 जून को सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में कलेक्टोरेट कार्यालय के सामने एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी सदस्य विद्यालयों से उस दिन स्कूल बंद रखकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है। हालांकि शिक्षकों को विद्यालय संबंधी औपचारिक दायित्वों के लिए उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
संघ का कहना है कि यह किसी एक विद्यालय की नहीं, बल्कि जिले के सभी अशासकीय विद्यालयों की साझा समस्या है। इसलिए सभी स्कूल संचालकों और शिक्षकों को एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करनी चाहिए।
प्रमुख मांगें
सभी अशासकीय विद्यालयों को जून माह में ही पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
सभी विद्यालयों को संकुल (क्लस्टर) स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि पुस्तकों के लिए दूर-दराज के स्थानों तक नहीं जाना पड़े।
संघ ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और राज्य शासन इस समस्या का शीघ्र समाधान कर निजी विद्यालयों एवं विद्यार्थियों को राहत प्रदान करेंगे।

