रायपुर, 23 जून 2026 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के पेंड्रा रोड स्थित डी.डी. हॉस्पिटल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने सेमरा तिराहा स्थित डी.डी. हॉस्पिटल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल के संचालन और मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं में कई गंभीर खामियां सामने आईं। स्वास्थ्य विभाग ने इसे मरीजों की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए तत्काल कार्रवाई की है।
जांच में पता चला कि मृतक मरीज ज्योति सोनवानी एक्लेम्सिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं, जिनका उपचार चिकित्सा महाविद्यालय स्तर की स्वास्थ्य संस्था में किया जाना आवश्यक था। इसके बावजूद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया गया, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने नियमों के विपरीत और गंभीर लापरवाही माना है।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि 17 और 18 जून 2026 को अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखरेख के लिए न तो कोई चिकित्सक मौजूद था और न ही पर्याप्त प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ उपलब्ध था। नर्सिंग होम अधिनियम के तहत आपातकालीन सेवाओं के लिए चौबीसों घंटे चिकित्सक की उपलब्धता अनिवार्य होती है, लेकिन अस्पताल इस नियम का पालन करता नहीं पाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया, जहां सर्जरी के बाद कई मरीज भर्ती मिले। ऐसी स्थिति में ऑन-ड्यूटी डॉक्टर की अनुपस्थिति को गंभीर प्रशासनिक और चिकित्सकीय लापरवाही माना गया है। जांच में यह भी पाया गया कि अस्पताल में शल्य चिकित्सा के लिए आवश्यक स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और अन्य प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई थी। इसके अलावा भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए आवासीय चिकित्सा अधिकारी की व्यवस्था भी नहीं पाई गई।
जांच के दौरान आयुष्मान भारत योजना से जुड़े एक गंभीर मामले का भी खुलासा हुआ। शिकायत के अनुसार अस्पताल द्वारा आयुष्मान योजना के तहत उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों से निर्धारित पैकेज राशि के अतिरिक्त लगभग 1.50 लाख रुपये लिए गए। स्वास्थ्य विभाग ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी अलग से जांच शुरू कर दी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि अस्पताल प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के तहत निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नहीं किया है। अस्पताल प्रबंधन को तीन दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो नियमानुसार आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा और जीवन से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं की नियमित निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

