0.सुशासन तिहार में पार्षद अरुणीश तिवारी की मांग पर जारी हुई वस्तुस्थिति रिपोर्ट, नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में स्थानीय नागरिकों को निःशुल्क उपचार दिलाने की पहल को मिली गति
कोरबा,22 जून 2026। छत्तीसगढ़ शासन के महत्वाकांक्षी अभियान ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत जनसमस्याओं के निराकरण के लिए प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद दीपिका के वरिष्ठ पार्षद एवं पीआईसी सदस्य अरुणीश तिवारी (दादा भाई) द्वारा क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर प्रस्तुत दो प्रमुख मांगों पर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी वस्तुस्थिति स्पष्ट की है।
पार्षद अरुणीश तिवारी ने सुशासन शिविर में दीपिका स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का उन्नयन कर 500 बिस्तरों वाला सर्वसुविधायुक्त अस्पताल स्थापित करने की मांग की थी। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान नियमों के अनुसार 500 बिस्तरों के अस्पताल की स्थापना के लिए संबंधित क्षेत्र की न्यूनतम जनसंख्या लगभग ढाई लाख होना आवश्यक है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार नगर पालिका परिषद दीपिका की जनसंख्या 29 हजार 814 है, जो निर्धारित मानक से काफी कम है। इसी कारण वर्तमान परिस्थितियों में 500 बिस्तरों के अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव नियमानुसार स्वीकृत नहीं किया जा सकता।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में दीपिका में आयोजित सहस्त्रबाहु जयंती समारोह में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्थानीय नागरिकों की मांग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की घोषणा की थी। विभागीय जवाब सामने आने के बाद अब क्षेत्र में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि पार्षद अरुणीश तिवारी की दूसरी मांग पर सकारात्मक पहल देखने को मिली है। उन्होंने मांग की थी कि कोयलांचल क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों को एसईसीएल के नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने एसईसीएल प्रबंधन को पत्र भेजकर सीएसआर अथवा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत स्थानीय नागरिकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार करने का आग्रह किया है।
अरुणीश तिवारी ने कहा कि दीपिका क्षेत्र की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उनका प्रयास लगातार जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थानीय नागरिकों को नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में उपचार सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

