छत्तीसगढ़ में पति की हैवानियत: चरित्र शंका में पत्नी का मुंडन कराया, चेहरा काला किया, जबरन पेशाब पिलाने का आरोप - vedantsamachar.in

छत्तीसगढ़ में पति की हैवानियत: चरित्र शंका में पत्नी का मुंडन कराया, चेहरा काला किया, जबरन पेशाब पिलाने का आरोप

सूरजपुर, 19 जून (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। चरित्र शंका को लेकर एक पति पर अपनी पत्नी के साथ अमानवीय व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी पति ने न केवल उसके कपड़े फाड़े और सिर का मुंडन कराया, बल्कि जबरन पेशाब पिलाकर और चेहरा काला कर उसे अपमानित भी किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और पीड़िता न्याय की मांग कर रही है।

जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले के करंजी गांव निवासी तारा सारथी ने अपने पति जितेंद्र सारथी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने बताया कि दोनों का विवाह वर्ष 2006 में हुआ था और उनके चार बच्चे हैं। शादी के बाद कई वर्षों तक पारिवारिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन पिछले करीब एक वर्ष से पति-पत्नी के बीच संबंधों में तनाव बढ़ गया था। दोनों अलग-अलग रह रहे थे और इसी दौरान चरित्र शंका को लेकर विवाद लगातार गहराता गया।

पीड़िता का आरोप है कि हाल ही में विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी पति ने उसे बंधक बनाकर अमानवीय यातनाएं दीं। महिला का कहना है कि उसके बच्चों के सामने ही उसके पैर बांधे गए और उसके बाल काटकर सिर मुंडवा दिया गया। इसके बाद आरोपी ने उसे अपना और बच्चों का पेशाब जबरन पिलाया। इतना ही नहीं, उसके चेहरे पर मोबिल लगाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की कोशिश भी की गई।

बताया जा रहा है कि घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।

पीड़िता ने मामले की शिकायत कोरिया जिले के पटना थाने में दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि महिला के साथ हुई कथित अमानवीय घटना बेहद गंभीर है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, घरेलू हिंसा और सामाजिक मानसिकता जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला न केवल घरेलू हिंसा बल्कि मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के रूप में भी देखा जाएगा।