गुरुकुल में होता है सभी धर्मों का सम्मान : संतोष बोथरा…

कवर्धा, 09 अप्रैल (वेदांत समाचार) । गुरुकुल पब्लिक स्कूल, कवर्धा हमेशा अपने सामाजिक सरोकारों भारतीय संस्कृति एवं सर्वधर्म समभाव को ध्यान में रखते हुए विविध कार्यक्रमों का आयोजन करता है, इसी कड़ी में गुरुकुल सभागार में विश्व नवकार महामंत्र दिवस के उपलक्ष में प्राचार्य के मार्गदर्शन में विशेष सभा का आयोजन किया गया। मीडिया प्रभारी ने बताया कि इस विशेष सभा के सम्माननीय अतिथि विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष संतोष बोथरा थे।

सर्वप्रथम प्राचार्य ने सभी का आत्मीय स्वागत किया। इस सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष संतोष बोथरा ने कहा कि गुरुकुल सभी धर्मो का आदर करता है। सर्वधर्म समभाव की स्थापना ही गुरुकुल का लक्ष्य है। नवकार महामंत्र में मानव कल्याण की कामना है। विश्व शांति एवं विश्व बंधुत्व की भावना से प्रेरित इस महामंत्र का जाप ही जैन धर्म का मूल मंत्र है। यहाँ यह बताना लाजिमी होगा कि नवकार महामंत्र जैन धर्म का सर्वोच्च एवं अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है। इसकी विशेषता यह है कि अनादि काल से प्रचलित है ।इसका कोई ज्ञात रचयिता नहीं है और यह शाश्वत है।

यह किसी व्यक्ति विशेष या देवता का नाम न लेकर ही गुणों और आदर्शों को नमन करता है। यह अरिहंत, सिद्ध आचार्य, उपाध्याय तथा साधु आदि पंच परमेष्ठि को समर्पित है। इसके भावपूर्ण जाप से आत्मशुद्धि,सम्यक ज्ञान, आत्मविश्वास मानसिक शांति,कलुष नाश , एकाग्रता तथा सकारात्मकता की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर संगीत विभाग की तरफ से जैनम चोपड़ा, प्रतीक जैन,इशा चोपड़ा, फाल्गुनी गुप्ता, प्रतीक्षा चौबे तथा कीमाज्ञा साहू ने नवकार महामंत्र का सस्वर पाठ कर गुरुकुल परिसर में भक्ति की धारा प्रवाहित कर दी। शिक्षकों सहित सभी विद्यार्थियों ने इस महामंत्र का सामूहिक जाप कर स्वयं में दिव्य ऊर्जा का संचार अनुभव किया।

भारत सहित विश्व के लगभग 108 देशों में 9 अप्रैल को सुबह 8 बजे से लाखों लोगों ने विश्व शांति के लिए सामूहिक जाप किया।इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष तथा अन्य पदाधिकारीगण ने सभी को विश्व नवकार महामंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान किया और आशा व्यक्त किया कि विश्व में शांति, सद्भाव अहिंसा और बंधुत्व की भावना का प्रसार हो। मानव मात्र में अपनत्व की भावना से एकत्व की स्थापना हो।