स्कूलों की व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए सरकार ने किया आदेश परित अभिभावक और बच्चे हो रहे हैं परेशान
गेवरा दीपका ,18 जून (वेदांत समाचार) : छत्तीसगढ़ में इस वर्ष स्कूल शिक्षा विभाग एक और जहां बच्चों की स्कूल खोलने में तत्परता दिखाई वहीं पर शासन और प्रशासन के द्वारा स्कूल खोलने से पहले स्कूलों की व्यवस्था को नजरअंदाज किया और भारी गर्मी के साथ-साथ उमस भरे माहौल में फरमान जारी करते हुए 16 जून से ही आदेश पारित कर दिया और सभी स्कूल खोल दिए गए शायद सरकार को ऐसा लगा की हल्की-फुल्की बूंदाबांदी और बारिश से अब गर्मी का मौसम पूरी तरह से समाप्त हो चुका है लेकिन स्थिति ठीक इसके विपरीत दिखाई दे रही है
बता दे स्कूल शिक्षा विभाग ने 16 जून से छत्तीसगढ़ में स्कूल खोले जाने को लेकर सभी जिलों के कलेक्टरों को आदेश दे दिया गया
स्कूल तो खुल गई लेकिन तमाम स्कूलों की व्यवस्था बिगड़ी हुई है अधिकतर स्कूलों में पंख पानी और अन्य साधनों की व्यवस्था भी कर्मी हुई है इसके बावजूद भी बच्चे गर्मी और उमस में बैठकर पढ़ने को मजबूर हो रहे हैं
कुछ एक प्राइवेट स्कूलों की स्थिति ठीक लेकिन सरकारी स्कूलों की व्यवस्था भगवान भरोसे
कई अभिभावकों की शिकायत भी सामने आ रही है कि प्राइवेट स्कूल में अव्यवस्था है तो सरकारी स्कूल तो और भगवान भरोसे होगा बच्चे स्कूल से घर पहुंचते ही हांफने लग रहे हैं और उनके अंग वस्त्र घर पहुंचते पहुंचते पूरे भीग जा रहे हैं इतनी उमस और गर्मी में बच्चे स्कूल से घर पहुंच रहे हैं
वहीं दूसरी ओर बच्चों के अभिभावक बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने जाते वक्त भीषण उमस और गर्मी के कारण स्कार्फ बांधकर स्कूल के बाहर अपने बच्चों का इंतजार कर रहे हैं
यदि प्रशासन तत्काल स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए या तो आदेश पारित करें या फिर बच्चों को सुकून देते हुए लगातार हल्की बारिश होने का इंतजार करें तत्पश्चात स्कूल खोला जाए तो अभिभावकों के साथ-साथ बच्चों को भी राहत मिल सकेगी नहीं तो अभी भी कई बच्चे बीमारी की जद में आ गए हैं और आने वाले दिनों में इनकी संख्या बढ़ सकती है।

