जनहितैषी योजनाओं के लोन प्रकरणों में देरी बर्दाश्त नहीं, बैंकर्स जल्द करें स्वीकृति : शीतल वर्मा - vedantsamachar.in

जनहितैषी योजनाओं के लोन प्रकरणों में देरी बर्दाश्त नहीं, बैंकर्स जल्द करें स्वीकृति : शीतल वर्मा

रायपुर, 12 जून (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने बैंकिंग व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में वित्त विभाग की विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स उप समिति की बैठक में बैंकर्स को जनहित से जुड़े ऋण और अनुदान प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में महिला स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज को मजबूत बनाने के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत ऋण एवं वित्तीय सहायता की समीक्षा की गई। इसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और अंत्योदय स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत बैंकों द्वारा वितरित ऋण प्रकरणों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा ने बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से जुड़े आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना बैंकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

बैठक में ऋण प्रकरणों के शीघ्र निपटारे के लिए बैंकों को प्रति सप्ताह एक निर्धारित दिवस तय करने के निर्देश दिए गए। इस दिन स्वरोजगार और अन्य योजनाओं से संबंधित सभी लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। इससे हितग्राहियों को बार-बार बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और ऋण स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी आएगी।

बैठक में ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीयकृत एवं क्षेत्रीय बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस नई व्यवस्था से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, स्वरोजगार से जुड़े हितग्राहियों और ग्रामीण उद्यमियों को ऋण प्राप्त करने में आसानी होगी तथा सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से आम लोगों तक पहुंच सकेगा।