मिक्सर मशीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, 5 लोगों पर पुलिस की बाउंड ओवर कार्रवाई - vedantsamachar.in

मिक्सर मशीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, 5 लोगों पर पुलिस की बाउंड ओवर कार्रवाई

जांजगीर-चांपा, 10 जून (वेदांत समाचार)। जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटमीसोनार पुलिस सहायता केंद्र के ग्राम पिपरसत्ती में छत ढलाई के लिए मिक्सर मशीन ले जाने की बात को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मामूली कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर लाठी-डंडे चले, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार ग्राम पिपरसत्ती निवासी कन्हैयालाल पुरहोले (41 वर्ष) और सुरेंद्र कुमार (33 वर्ष) के बीच छत ढलाई के लिए मिक्सर मशीन के उपयोग को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। झड़प के दौरान दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आईं, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देशन में कोटमीसोनार पुलिस सहायता केंद्र की टीम ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर पूर्व में भी थाना अकलतरा में अपराध दर्ज किया जा चुका था। इसके साथ ही दोनों पक्षों को समझाइश देकर तहसील न्यायालय के माध्यम से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद विवाद दोबारा भड़क गया।

9 जून को पुनः विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस ने शांति भंग की आशंका को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने पांच लोगों के विरुद्ध धारा 170/26 एवं 135(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत इस्तगासा तैयार कर उन्हें तहसील न्यायालय अकलतरा में पेश किया। न्यायालय ने सभी आरोपितों को अधिकतम राशि के बंधपत्र पर बाउंड ओवर करते हुए भविष्य में शांति व्यवस्था भंग नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।

इस कार्रवाई में कोटमीसोनार पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी उपनिरीक्षक विनोद जाटवर, प्रधान आरक्षक अनिल हंसराज, जितेश कुमार, राजेंद्र राठौर, आरक्षक दुग्गा तथा अन्य पुलिस कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।