मनेन्द्रगढ़। जिले में तीन नाबालिग लड़कियों को रोजगार दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले जाने और वहां बेचने की आशंका का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। लड़कियां किसी तरह वहां से निकलकर सुरक्षित मनेन्द्रगढ़ लौट आईं, जिसके बाद परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस से की है।
जानकारी के अनुसार, मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र के अमाखेरवा निवासी एक व्यक्ति ने तीनों नाबालिग लड़कियों को काम दिलाने का भरोसा देकर दिल्ली ले जाने की बात कही थी। परिजनों का आरोप है कि दिल्ली पहुंचने के बाद लड़कियों को वहां का माहौल और कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इससे उन्हें आशंका हुई कि उन्हें किसी गलत उद्देश्य से वहां लाया गया है।
बताया जा रहा है कि स्थिति को भांपते हुए तीनों लड़कियों ने मौके का फायदा उठाकर वहां से भागने का निर्णय लिया और किसी तरह वापस मनेन्द्रगढ़ पहुंच गईं। घटना के बाद परिजनों ने सिटी कोतवाली पुलिस पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
वहीं पुलिस ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीनों नाबालिगों के बयान बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) तथा न्यायालय में दर्ज कराए जा चुके हैं और उन्हीं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान लड़कियों के बयानों में कुछ बिंदुओं पर अंतर सामने आया है, जिसके कारण मामले की पड़ताल में समय लग रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक आरोपी के संबंध में स्पष्ट और ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है तथा सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कहा है कि मामला अत्यंत संवेदनशील है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

