जशपुर का केरे गांव बना ग्रामीण पर्यटन का नया केंद्र, प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने किया होमस्टे का अवलोकन - vedantsamachar.in

जशपुर का केरे गांव बना ग्रामीण पर्यटन का नया केंद्र, प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने किया होमस्टे का अवलोकन

जशपुर, 09 जून (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव तेजी से एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, पारंपरिक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के अनूठे संगम ने इस गांव को प्रदेश के प्रमुख ग्रामीण पर्यटन स्थलों में शामिल कर दिया है। सोमवार को जिले के प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने केरे गांव पहुंचकर यहां संचालित होमस्टे का अवलोकन किया और पर्यटन सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने होमस्टे में उपलब्ध आवासीय सुविधाओं, पारंपरिक भोजन व्यवस्था तथा पर्यटकों के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण पर्यटन स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ रोजगार और आय के नए अवसर भी उपलब्ध करा रहा है।

जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में गांव में पांच होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं, जहां पर्यटकों को ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव कराने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति से भी परिचित कराया जाता है। होमस्टे संचालन को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों को आतिथ्य प्रबंधन, पर्यटक सेवा और संचालन संबंधी विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।

हाल ही में महुआ होमस्टे में ठहरे पर्यटकों के सकारात्मक अनुभवों ने इस पहल को नई पहचान दिलाई है। यहां आने वाले पर्यटकों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया जाता है और उन्हें स्थानीय स्तर पर तैयार ताजा एवं पौष्टिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलता है। पर्यटकों ने गांव की स्वच्छता, शांत वातावरण, आत्मीय मेजबानी और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने के अवसर की विशेष सराहना की है।

प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने भोजन की गुणवत्ता, आवासीय सुविधाओं और ग्रामीणों के आत्मीय व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भागीदारी पर आधारित यह मॉडल ग्रामीण विकास और पर्यटन संवर्धन का उत्कृष्ट उदाहरण है।

जिला प्रशासन के अनुसार केरे गांव का यह मॉडल न केवल ग्रामीणों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित कर रहा है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा दे रहा है। बेहतर व्यवस्थाओं, पर्यटकों के सकारात्मक अनुभवों और बढ़ती लोकप्रियता के कारण केरे गांव छत्तीसगढ़ में सामुदायिक आधारित ग्रामीण पर्यटन के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर विश्वास राव मस्के, जनपद पंचायत सीईओ लोखित भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।